UAE ने 22 जुलाई 2026 को हुथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के समुद्री रास्तों को रोकने की धमकी की कड़ी निंदा की है। UAE Ministry of Foreign Affairs ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सभी को समुद्र में स्वतंत्र रूप से आवाजाही का पूरा अधिकार है। यह मामला तब गरमाया जब 20 जुलाई 2026 को हुथी प्रवक्ता Yahya Saree ने सऊदी बंदरगाहों पर जाने वाले टैंकरों पर हमले की चेतावनी दी थी।
समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर असर
यह धमकी Bab el-Mandeb Strait के पास दी गई है, जो दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। हुथी विद्रोहियों की इस हरकत के बाद 21 जुलाई 2026 को चीन और भारत जा रहे सऊदी तेल के दो बड़े टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा और वे Suez Canal की तरफ मुड़ गए। UN के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने चिंता जताई है कि इससे क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ सकता है।
सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
Saudi Arabia ने भी इस धमकी को सिरे से खारिज किया है और अपनी समुद्री सीमाओं व जहाजों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने की बात कही है। UAE ने UN Security Council के प्रस्तावों 2216 और 2722 को लागू करने की अपील की है ताकि लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा बनी रहे। इस पूरे मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अपनी बात कही है।
