UAE के विदेश मंत्रालय ने 19 और 20 जुलाई 2026 को ईरान द्वारा बहरीन और कुवैत पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त अरब अमीरात ने इन हमलों को दोनों देशों की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और कहा है कि ये घटनाएं पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
हमले का विवरण और प्रभाव
बहरीन के रक्षा तंत्र ने हवा में ही कई ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। हालांकि, ईरान के ड्रोन्स ने वहां के हवाई नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाने की कोशिश की। वहीं, कुवैत में हुए हमले में एक बिजली और पानी के प्लांट को दोबारा निशाना बनाया गया, जिससे वहां आग लग गई और बिजली की सप्लाई प्रभावित हुई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
क्षेत्रीय स्थिति और प्रतिक्रिया
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम टूटने के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है। GCC और European Union ने भी ईरान के इन हमलों की निंदा की है। अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। UAE ने बहरीन और कुवैत को हर संभव समर्थन देने का भरोसा दिया है।
