संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान द्वारा Bahrain, Kuwait और Jordan पर हाल ही में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MoFA) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह हमला इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन है और इससे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। UAE ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पड़ोसी देशों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हर जरूरी कदम का समर्थन करेगा।

हमलों की जानकारी और पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया

ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 15 जुलाई को हुए इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। IRGC का कहना है कि उन्होंने Jordan में Al-Azraq बेस और Kuwait में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। वहीं, Bahrain में भी अमेरिकी बेड़े से जुड़ी सुविधाओं पर हमले का दावा किया गया है। इन हमलों के जवाब में Kuwait की वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन मार गिराए, हालांकि 14 जुलाई को हुए हमलों में चार कुवैती सैनिक घायल हुए थे। Bahrain ने भी अपने क्षेत्र में हुए हवाई हमलों को नाकाम करने की पुष्टि की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। Jordan की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में आए तीन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे वहां कोई नुकसान नहीं हुआ।

अमेरिका की कार्रवाई और तनाव

इस बीच, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि 14 जुलाई को ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार चौथे दिन हवाई हमले किए गए हैं। अमेरिकी एडमिरल Brad Cooper के अनुसार, ईरान ने जानबूझकर नागरिकों को अपना निशाना बनाया है। वहीं दूसरी ओर, कुवैत की कैबिनेट ने इन हमलों को बेहद गंभीर और उकसावे वाली कार्रवाई बताया है। क्षेत्र में बढ़े इस तनाव के कारण आम लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.