UAE ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। 14 जुलाई 2026 को हुए इन हमलों में UAE के दो तेल टैंकरों, Mombasa और Al Bahiyah को निशाना बनाया गया। इस दुखद घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हुए हैं।
ℹ️: Gulf Tension: अमेरिका ने ग्रेटर टुनब द्वीप पर की स्ट्राइक, ईरान की मिसाइल साइट्स को बनाया निशाना।
समुद्री सुरक्षा और भारत पर असर
UAE की मंत्री Lana Nusseibeh ने ब्रुसेल्स में आयोजित EU-GCC फोरम में साफ कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन और समुद्री डकैती जैसा कृत्य बताया है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इस घटना पर दुनिया भर से चिंता जताई गई है। बहरीन ने ईरान पर महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। अमेरिकी दूत Mike Waltz ने कहा कि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं US CENTCOM के प्रमुख Admiral Brad Cooper के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में ईरान ने जानबूझकर सात व्यापारिक जहाजों पर हमला किया है। वर्तमान में तनाव इतना बढ़ गया है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक बंद रखने की घोषणा की है जब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई नहीं रोकता।
