खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बेहद बढ़ गया है। शनिवार, 6 जून 2026 को ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला किया। इस हमले के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कड़ी आपत्ति जताई है और ईरान की इस हरकत की तीव्र निंदा की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे बहरीन की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया है।
ईरान के इस हमले में क्या हुआ और बहरीन ने क्या कदम उठाए?
बहरीन सरकार और वहां की सेना ने शनिवार को पुष्टि की कि ईरान की ओर से दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हमले की आहट मिलते ही बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजाए गए और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेने के निर्देश दिए गए। वहीं पड़ोसी देश कुवैत ने भी इस हमले के बाद सुरक्षा कारणों से शनिवार सुबह अपने हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था, जिसे हालात सामान्य होने पर दोबारा खोला गया।
अमेरिकी सेना ने कैसे नाकाम किया ईरान का यह बड़ा हमला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शुक्रवार रात ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिकी सेना ने इनमें से छह मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जबकि एक मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गई। इससे पहले अमेरिकी नौसेना ने फारस की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बने चार ईरानी ड्रोन को भी मार गिराया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया था, जिसे अमेरिकी सेना ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कौन-कौन से देशों ने किया बहरीन का समर्थन?
ईरान के इस हमले के बाद खाड़ी के तमाम देशों ने बहरीन के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है। यूएई के अलावा सऊदी अरब, कुवैत, कतर, मिस्र, जॉर्डन, लेबनान और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने इस हमले का कड़ा विरोध किया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे बहरीन की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम में उसके साथ खड़े हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन और कुवैत पर यह हमला कब हुआ?
ईरान की ओर से यह हमला शनिवार, 6 जून 2026 को किया गया, जिसमें बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया गया था।
क्या इस हमले में अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचा है?
नहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया है कि अमेरिकी सेना ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया और उनके किसी भी ठिकाने या कर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
