संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में ईरान द्वारा किए गए हालिया मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हमलों में पेशमर्गा के कई जवानों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई बेहद खतरनाक है और यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती है।

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यूएई ने इराक और कुर्दिस्तान के प्रति जताया समर्थन

यूएई सरकार ने इस संकट की घड़ी में इराक और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (KRG) के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है। यूएई ने साफ कहा है कि वह क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव समर्थन देगा। इस हमले को खाड़ी क्षेत्र की शांति के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

इन देशों ने भी ईरान के हमलों की निंदा की

इराक में बढ़ते तनाव के बीच कई बड़े देशों और संगठनों ने अपनी चिंता जाहिर की है। अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों ने भी इन हमलों का विरोध किया है।

  • अमेरिका: अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को सुरक्षा कारणों से तुरंत इराक छोड़ने की सलाह दी है।
  • फ्रांस: फ्रांस ने इन हमलों को गलत बताते हुए क्षेत्र में शांति और युद्धविराम की मांग की है।
  • G7 देश: दुनिया के शक्तिशाली देशों के समूह G7 ने ऊर्जा बुनियादी ढांचों और राजनयिक केंद्रों को निशाना बनाने की कड़ी आलोचना की है।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून: सभी देशों ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की अपील की है।

सुरक्षा को लेकर जारी हुआ अलर्ट

इराक और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ईरानी समर्थित संगठनों द्वारा अमेरिकी ठिकानों और नागरिकों पर बढ़ते हमलों के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे स्थानीय दूतावासों और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, क्योंकि क्षेत्रीय तनाव का असर यात्रा और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.