संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 17 जुलाई 2026 को बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को देशों की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। मंत्रालय ने इन प्रभावित देशों के साथ पूरी एकजुटता जाहिर करते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहयोग का वादा किया है।
हमलों का असर और बचाव
इन हमलों के बाद चारों देशों ने अपने बचाव के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने चेतावनी सायरन बजाए और रक्षा बलों ने कई ईरानी ड्रोन नष्ट कर दिए। कुवैत के रक्षा बलों ने हमले को आक्रामकता करार दिया है। कुवैत के बिजली और पानी विभाग के अनुसार, एक प्लांट पर हमले से बिजली उत्पादन इकाइयों को नुकसान पहुंचा है और वहां आग लगने की भी सूचना मिली है।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने Al Udeid Air Base को निशाना बनाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। इस दौरान मलबे के कारण एक बच्चा घायल हो गया। कतर ने ईरान को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है। जॉर्डन के रक्षा तंत्र ने भी अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 3 ईरानी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिसमें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल यह क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव का हिस्सा है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संपत्ति को लेकर खींचतान जारी है।
