UAE के विदेश मंत्रालय ने ईरान की तरफ से Bahrain, Kuwait और Jordan पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने इसे इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और कहा है कि UAE इन सभी प्रभावित देशों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। यह हमला 18 जुलाई 2026 को हुआ, जिसमें तनाव की स्थिति काफी बढ़ गई है।
हमले का विवरण और नुकसान
Iran के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका कहना है कि यह हमला उन ठिकानों पर किया गया है जहाँ US सेना मौजूद है। हमले में Kuwait के Ali Al Salem Air Base को निशाना बनाया गया, जिससे वहां के हथियार डिपो, रडार और ड्रोन हैंगर को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, कुवैत के एक पावर और पानी के प्लांट पर भी हमला हुआ, जिससे वहां बिजली उत्पादन में दिक्कत आई और कई लोग घायल हुए।
देशों की सुरक्षा व्यवस्था
Bahrain ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 17 जुलाई को कई ईरानी हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। दूसरी ओर, Jordan की सेना ने भी 17 और 18 जुलाई को अपनी सीमा में घुसी ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। फिलहाल जॉर्डन से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। इन देशों की सरकारों ने ईरान की इन हरकतों को बेहद खतरनाक और उकसावे वाली कार्रवाई बताया है।
