संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को देशों की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा माना है। UAE ने इन देशों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभव कदम में अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही है।
हमले का विवरण और प्रभाव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईरान ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत में Camp Doha, Ali Al Salem Air Base और Camp Arifjan जैसे अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें गोला-बारूद डिपो और ईंधन टैंक प्रभावित हुए। जॉर्डन में भी King Faisal और Prince Hassan ठिकानों पर हमला किया गया, जिससे सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने जानकारी दी है कि इन हमलों में 12 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हाल के दिनों में जॉर्डन में कुल 50 सैनिक घायल हुए हैं, जबकि कुवैत में एक रडार सिस्टम और बहरीन में एक गोदाम भी हमलों की चपेट में आया। जॉर्डन और कुवैत की सेना ने कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया, वहीं बहरीन में संभावित हमले के कारण सायरन बजाए गए।
क्षेत्रीय तनाव और आगे की स्थिति
यह घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दिखाता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) लगातार 12 रातों से ईरान के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रही है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि वे हर हमले का कड़ा जवाब देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों के लिए वे ईरानी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर सकते हैं। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में व्यापार और सुरक्षा पर लगातार असर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव वहां रहने वाले प्रवासियों और उनके काम पर भी देखने को मिल रहा है।
