संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दुनिया के 21 अन्य देशों के साथ मिलकर ईरान की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और कमर्शियल जहाजों पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। 21 मार्च 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों ने ईरान से अपनी आक्रामक गतिविधियां तुरंत रोकने को कहा है। इस तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्र में जहाजों की सुरक्षा पर गहरा संकट पैदा हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।

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किन देशों ने जताई आपत्ति और क्या है मुख्य मांग?

ईरान की ओर से निहत्थे व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों के खिलाफ UAE के साथ ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे कुल 22 देश एक साथ आए हैं। इन देशों ने मांग की है कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाना, ड्रोन और मिसाइल हमले करना तुरंत बंद करे। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर ईरान की इन धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। UAE के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है कि ईरान समुद्री नियमों का सम्मान करे ताकि जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहे।

सुरक्षा स्थिति और अब तक हुए हमलों का डेटा

UAE के रक्षा मंत्रालय ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ईरान की तरफ से हो रहे हमलों को लेकर रक्षा विभाग ने कुछ अहम आंकड़े साझा किए हैं जो इस प्रकार हैं:

  • UAE एयर डिफेंस ने शुक्रवार को ईरान की तरफ से दागी गई 3 बैलिस्टिक मिसाइलों और 8 ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।
  • हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 341 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1,748 ड्रोन नाकाम किए गए हैं।
  • इन हमलों की चपेट में आने से अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 160 लोग घायल हुए हैं।
  • भारतीय LPG टैंकरों ने भी सुरक्षा चिंताओं के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की तैयारी शुरू कर दी है।
  • ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दी है ताकि ईरान के खतरों से निपटा जा सके।

क्या जहाजों के लिए खुला है हॉर्मुज का रास्ता?

ईरान के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जो देश ईरान पर हमला करेंगे उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, दो भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर इस रास्ते से गुजरने के लिए तैयार हैं, हालांकि पिछले 24 घंटों में किसी भी कच्चे तेल के टैंकर ने वहां से सफर नहीं किया है। UAE की ओर से मौसम विभाग ने भी खराब मौसम और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिससे समुद्री और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.