UAE के जहाज पर ईरान का मिसाइल हमला, यूएई सरकार ने बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.

Sushma Kumari8 August 20262 min read97 viewsUAE
UAE के जहाज पर ईरान का मिसाइल हमला, यूएई सरकार ने बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 8 अगस्त 2026 को ईरान की ओर से किए गए एक गंभीर और खतरनाक हमले की कड़ी निंदा की है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से गुजर रहे ADNOC कंपनी के एक टैंकर को ईरान ने निशाना बनाते हुए मिसाइल दागी। राहत की बात यह रही कि इस हमले में जहाज पर मौजूद किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बताए गए हैं।

क्या है पूरा मामला और यूएई का रुख

यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के Resolution 2817 का उल्लंघन करार दिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के खिलाफ है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाना आर्थिक दबाव डालने का तरीका है, जिसे वे 'समुद्री डकैती' या 'Acts of Piracy' मानते हैं। सरकार का कहना है कि ऐसी हरकतें न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि दुनिया भर की ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी बुरा असर डालती हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

लगातार हो रहे हमलों से बढ़ा तनाव

यह घटना कोई अकेली नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ADNOC की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक उनकी 15 नौकाओं को निशाना बनाया जा चुका है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ 8 अगस्त 2026 से एक हफ्ते पहले ही 3 जहाजों पर हमले किए गए थे। इन पिछली घटनाओं में 1 व्यक्ति की जान चली गई थी और 20 लोग घायल हुए थे।

यूएई ने ईरान से मांग की है कि वह बिना किसी देरी के इन आक्रामक हमलों को बंद करे और Strait of Hormuz के रास्ते को सुरक्षित रखे। भारतीय प्रवासी जो बड़ी संख्या में इन समुद्री इलाकों और क्षेत्र में काम करते हैं, उनके लिए यह तनाव चिंता का विषय है क्योंकि इससे व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा प्रभावित होती है। सुरक्षा एजेंसियां और सरकार लगातार इस बात पर जोर दे रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की आजादी बनी रहनी चाहिए ताकि आम लोगों की रोजी-रोटी और वैश्विक आर्थिक स्थिरता सुरक्षित रहे।

Share:

Comments

Leave a comment