UAE के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर ईरान की ओर से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। जुलाई 2026 के मध्य में आए बयानों के जरिए UAE ने स्पष्ट किया है कि ये हमले इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इनकी सुरक्षा व स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।
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क्षेत्रीय तनाव और हमलों का असर
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 21 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि उन्होंने अमेरिकी बेस और सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं। ये हमले अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 10 दिनों तक की गई कार्रवाई के जवाब में किए गए हैं। इन हमलों की वजह से क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसे 2026 ईरान युद्ध का नाम दिया जा रहा है।
नुकसान और सुरक्षा स्थिति
लगातार हो रहे हमलों के कारण कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। हमलों में कैंप आरिफजान, अहमद अल-जाबेर एयर बेस और शेख ईसा एयर बेस जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। बहरीन में एक अमेज़न डेटा सेंटर पर भी हमले का दावा किया गया है। क्षेत्र में बिगड़े हालात और युद्धविराम टूटने के बाद से खाड़ी देशों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर वहां काम करने वाले प्रवासी कामगारों और सुरक्षा वातावरण पर पड़ रहा है।
