खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कुवैत पर ईरान द्वारा किए गए हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। UAE के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को कुवैत की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।
UAE के विदेश मंत्रालय ने बयान में क्या कहा?
UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने जारी एक आधिकारिक बयान में कुवैत के प्रति अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम का समर्थन करते हैं। इसके साथ ही खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने भी इन हमलों की निंदा की और कहा कि ईरान की यह हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और इससे पूरे क्षेत्र की शांति खतरे में पड़ गई है।
मई के महीने में पहले भी हुए थे कई हवाई हमले
सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले 10 मई 2026 को भी खाड़ी क्षेत्र में कई ड्रोन हमले दर्ज किए गए थे। उस समय UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आए दो ड्रोनों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था। उसी दिन कुवैत की सेना ने भी अपनी सीमा में संदिग्ध ड्रोनों का पता लगाया था और उन्हें मार गिराया था। कतर ने भी अपने समुद्री क्षेत्र में एक कमर्शियल मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले की शिकायत की थी।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
कुवैत, UAE और अन्य खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी नौकरी करते हैं। इस तरह की सैन्य गतिविधियों से सुरक्षा नियम और सख्त हो सकते हैं। हालांकि, खाड़ी देशों की सुरक्षा प्रणालियां बहुत मजबूत हैं और वे हवाई हमलों को रोकने में पूरी तरह सक्षम हैं। नौकरीपेशा लोगों और यात्रियों को केवल आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने कुवैत पर हुए हमले को लेकर क्या स्टैंड लिया है?
UAE ने इसे आतंकी कृत्य बताते हुए कुवैत की संप्रभुता का समर्थन किया है और कहा है कि वे कुवैत की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम के साथ खड़े हैं।
क्या इन हमलों का फ्लाइट्स और हवाई यात्रा पर कोई प्रभाव पड़ा है?
फिलहाल उड़ानों को लेकर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। यात्रियों को केवल अपनी एयरलाइंस के निर्देशों का पालन करना चाहिए।