UAE में ईरान के ड्रोन हमले पर कड़ी निंदा, एर्बिल में प्रधानमंत्री के दफ्तर पर हुआ था वार.

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स यानी UAE ने हाल ही में इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एर्बिल में हुए ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 17 अगस्त 2026 की आधी रात के बाद ईरान की तरफ से दो विस्फोटक ड्रोन दागे गए थे, जिनका निशाना कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसरूर बारजाली का निजी दफ्तर और खुफिया एजेंसी के निदेशक का आवास था। इस खतरनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और कूटनीतिक स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी भी इस सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इस तरह के क्षेत्रीय तनाव का असर आम जनजीवन और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।
यूएई सरकार का आधिकारिक बयान और क्षेत्रीय सुरक्षा
इस पूरी घटना के बाद 18 अगस्त 2026 को यूएई के विदेश मंत्रालय की तरफ से एक सख्त बयान जारी किया गया। मंत्रालय ने इस हमले को इराक की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए इसे एक बड़ा खतरा करार दिया। यूएई ने इराक की संघीय सरकार और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार दोनों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस हमले में गनीमत यह रही कि किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान या कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं हुआ है। कुर्दिस्तान के आतंकवाद विरोधी सेवा विभाग ने साफ किया कि ये ड्रोन सीधे तौर पर ईरानी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप UAE MOFA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मसरूर बारजाली की प्रतिक्रिया और जांच
कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसरूर बारजाली ने इस हमले को एक लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की आक्रामकता से कुर्दिस्तान सरकार अपने कर्तव्यों को निभाने से पीछे नहीं हटेगी। वहीं कुर्दिस्तान की लोक अभियोजन प्रेसिडेंसी ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन माना है। दूसरी ओर, इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने इन ड्रोन्स के लॉन्चिंग पॉइंट का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच समिति के गठन का आदेश दे दिया है। इराकी विदेश मंत्री फुअद हुसैन ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात करके इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग की है।
ईरान का पक्ष और अमेरिका की प्रतिक्रिया
इन तमाम आरोपों के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें ईरानी क्षेत्र से ड्रोन लॉन्च किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह घटना आपसी कलह पैदा करने के लिए कोई झूठा यानी फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन भी हो सकती है। इसके अलावा, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने भी सभी पक्षों से इस मामले को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। इस बीच, अमेरिकी राजदूत टॉम बराक ने भी एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने इस हमले को कुर्द सहयोगियों के खिलाफ अस्वीकार्य आक्रामकता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया।