खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। यूएई ने बहरीन और कुवैत पर हुए इस ईरानी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और बहरीन की सुरक्षा के लिए हर तरह का समर्थन देने की बात कही है।

हमले से कुवैत और बहरीन में क्या नुकसान हुआ?

ईरान की तरफ से किए गए इस ड्रोन हमले के कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा है और कुछ लोग घायल भी हुए हैं। इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर उड़ानों को रोक दिया गया या उनके रूट बदल दिए गए हैं। बहरीन में हमले के दौरान सुरक्षा सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। हालांकि, अमेरिकी और बहरीनी सेना ने बहरीन की तरफ आ रही मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

यूएई और अमेरिका ने क्या कदम उठाए?

यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला बहरीन और कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। यूएई ने बहरीन के साथ पूरी एकजुटता जताई है। इससे पहले 2 जून को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने भी ईरान से दागी गई 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और 25 ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया था। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के केशम द्वीप पर बने एक सैन्य जमीनी नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाया है।

क्या है इस ताजा विवाद की असली वजह?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का दावा है कि कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर किया गया यह हमला अमेरिकी सेना द्वारा उनके एक तेल टैंकर पर किए गए हमले का बदला है। इस पूरे मामले पर यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने कहा कि ईरान के इन हमलों के खिलाफ सभी खाड़ी देशों को मिलकर एक मजबूत रुख अपनाने की जरूरत है। इस तनाव की वजह से पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमला क्यों किया?

ईरानी सेना के अनुसार, यह हमला अमेरिकी सेना द्वारा एक ईरानी तेल टैंकर पर की गई कार्रवाई और केशम द्वीप पर सैन्य कार्रवाई का सीधा जवाब था।

इस हमले के बाद कुवैत में क्या असर पड़ा है?

हमले के कारण कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां की उड़ानें निलंबित कर दी गईं या उनके मार्ग बदल दिए गए।