संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बुधवार, 10 जून 2026 को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इसे इन देशों की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया है। खाड़ी देशों में अचानक बढ़े इस सैन्य तनाव के कारण वहां रहने वाले प्रवासी और भारतीय भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ईरान के इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में हमलों से क्या नुकसान हुआ?
बुधवार को हुए इन हमलों के दौरान प्रभावित देशों की सेनाओं ने त्वरित कार्रवाई की। हमलों से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- जॉर्डन: जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की है कि उसने ईरान से अपने अजराक एयर बेस की तरफ दागी गई 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
- कुवैत: कुवैती सेना ने भी आने वाले ड्रोन और मिसाइल खतरों का सामना किया। इस दौरान एक ड्रोन कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईंधन टैंक से टकरा गया, जिससे मामूली नुकसान हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
- बहरीन: बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजाए गए और वहां के हवाई रक्षा तंत्र ने ईरान के हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।
UAE विदेश मंत्रालय ने बयान में क्या कहा?
यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई जॉर्डन, बहरीन और कुवैत की संप्रभुता पर हमला है और इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। यूएई ने इन तीनों देशों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की है और उनकी सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का पूरा समर्थन करने की बात कही है। यह हमला ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है, जिन्होंने इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने इन देशों को निशाना क्यों बनाया?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों और द्वीपों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई थी। इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया था।
क्या कुवैत एयरपोर्ट पर हमले से उड़ानों पर कोई असर पड़ा?
हमले के दौरान एक ड्रोन कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईंधन टैंक से टकराया था जिससे सीमित नुकसान हुआ, लेकिन किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।
