UAE और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। UAE सरकार ने ईरान के विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब UAE ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता पर मिले खतरों को खारिज किया।

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UAE और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने साफ कहा है कि देश के अंतरराष्ट्रीय संबंध और रक्षा साझेदारियां पूरी तरह से उसका अपना फैसला हैं। ईरान ने UAE के अमेरिका और इजराइल के साथ सैन्य संबंधों पर सवाल उठाए थे। UAE ने इसे अपने आंतरिक मामले में दखल बताया है। मंत्रालय ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे या नागरिकों की सुरक्षा को लेकर दी गई कोई भी धमकी स्वीकार नहीं की जाएगी।

ड्रोन हमलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का क्या असर हुआ?

5 और 6 मई 2026 को UAE में मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश हुई थी, जिन्हें समय रहते रोक लिया गया। हालांकि, फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में एक हमले की वजह से बड़ी आग लग गई थी। इस घटना में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, जिसकी वजह से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक छोटा विवाद बताया है और ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है।

सुरक्षा के लिए UAE ने क्या कदम उठाए हैं?

UAE सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कानूनी, राजनयिक और सैन्य अधिकारों का पूरा इस्तेमाल करेगी। Jordan के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी UAE के प्रति अपनी एकजुटता जताई है। दूसरी तरफ, ईरान ने इन हमलों से इनकार किया है और कहा है कि उसके एक्शन केवल अमेरिकी गतिविधियों को रोकने के लिए थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE और ईरान के बीच विवाद क्यों हुआ?

ईरान ने UAE के विदेशी संबंधों और सैन्य साझेदारियों पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद UAE ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानकर इसकी कड़ी निंदा की।

ड्रोन हमलों में कौन घायल हुआ?

5 और 6 मई के ड्रोन हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, जिसकी निंदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।