UAE ने 23 जुलाई 2026 को सात अन्य देशों के साथ मिलकर Al-Aqsa Mosque परिसर में इजरायल की हालिया कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। यह विरोध प्रदर्शन तब सामने आया जब 3,000 से अधिक इजरायली सेटलर्स ने सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पवित्र स्थल में प्रवेश किया। इस दौरान इजरायली मंत्री Itamar Ben-Gvir भी वहां मौजूद थे, जिसके बाद अरब देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।
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घटना की पूरी जानकारी
इस संयुक्त बयान में UAE, Jordan, Türkiye, Egypt, Indonesia, Pakistan, Saudi Arabia और Qatar के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। आधिकारिक रूप से यह कहा गया है कि इजरायल का यरुशलम के पवित्र स्थलों पर कोई अधिकार नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि परिसर में इजरायली झंडा फहराना और टेंट लगाना उकसावे वाली हरकत है।
नियमों का खुला उल्लंघन
बयान के अनुसार, यह पूरी जगह सिर्फ मुसलमानों के लिए इबादत की जगह है और इसका प्रबंधन Jordanian Jerusalem Endowments विभाग करता है। फिलिस्तीनी प्रशासन ने इसे एक खतरनाक घटना करार दिया है, जबकि OIC और अरब लीग ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माना है। इन देशों का साफ कहना है कि इस तरह की हरकतें क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
