UAE ने सीरिया पर इस्राइल के हवाई हमले को बताया गलत, 1974 के समझौते का उल्लंघन करार दिया

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के विदेश मंत्रालय ने सीरिया में हुए सैन्य हमलों को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। 18 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान में यूएई ने कहा कि इस्राइल की तरफ से सीरिया के इद्लिब गवर्नरट में स्थित अबू अल दुहुर मिलिट्री एयरबेस पर जो हवाई हमले किए गए, वे पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। सरकार ने साफ किया कि यह साल 1974 के डिस्एंगेजमेंट समझौते का खुला उल्लंघन है और इस्राइल को इस संधि के नियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। इस पूरी घटना की अधिक जानकारी आप UAE MoFA की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
हमले से एयरबेस को नुकसान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हवाई हमलों में कुल आठ बार बमबारी की गई, जिससे एयरबेस का रनवे और वहां बने सामान रखने के गोदाम पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इस सैन्य कार्रवाई के बाद से ही दुनिया भर के देशों और संगठनों की तरफ से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC के महासचिव जassim मोहम्मद अल-बुदैवी ने भी इस ऑपरेशन की कड़ी निंदा की और इसे सीरिया की संप्रभुता पर एक बड़ा आघात बताया। दूसरी तरफ, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस बमबारी का बचाव करते हुए दावा किया कि सीरिया इस सैन्य अड्डे पर तुर्की की सेना को लाने की तैयारी कर रहा था, जिसे इस्राइल सुरक्षा के लिहाज से गलत मानता है।
समझौते की स्थिति और क्षेत्रीय तनाव
आपको बता दें कि साल 1974 का डिस्एंगेजमेंट समझौता सीरिया और इस्राइल के बीच एक बफर जोन बनाने के लिए हुआ था, जिसकी निगरानी संयुक्त राष्ट्र का एक दल (UNDOF) करता था। लेकिन दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद से यह समझौता लगातार दबाव में चल रहा है। इस संबंध में ऐतिहासिक दस्तावेजों और पुराने समझौतों के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप यूएस हिस्टोरिकल डॉक्यूमेंट्स का संदर्भ ले सकते हैं। हालांकि इस्राइल ने इस समझौते को सीरिया में हालात सुधरने तक रद्द मान लिया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का मानना है कि इस तरह की घुसपैठ को किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। इस बारे में GCC द्वारा जारी की गई आधिकारिक निंदा और अन्य क्षेत्रीय अपडेट्स की जानकारी QNA न्यूज़ पोर्टल पर उपलब्ध है।
क्षेत्रीय हालात तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए जब इसी दिन यानी 18 अगस्त 2026 को यूएई ने ईरान की तरफ से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की घटना के बाद ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को अगले आदेश तक बंद करने का बड़ा ऐलान कर दिया। इन घटनाओं की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां आने-जाने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बना हुआ है क्योंकि लगातार बढ़ती इन गतिविधियों से पूरे क्षेत्र की शांति पर असर पड़ रहा है। अमेरिका के सीरिया के लिए विशेष दूत टॉम बराक ने भी इस पूरी घटना को अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला बताया और सभी पक्षों से कूटनीति के जरिए शांति बनाए रखने की अपील की।