संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने लेबनान के कई इलाकों में हुए इसराइली हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 8 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों में भारी संख्या में आम नागरिकों की जान गई है और काफी तबाही हुई है। UAE के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे मिलकर लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत कदम उठाएं।

ℹ️: Saudi Arabia और Pakistan के विदेश मंत्रियों की हुई बात, लेबनान में युद्धविराम को लेकर लिया बड़ा फैसला.

लेबनान में हुए हमलों का विवरण और मौजूदा स्थिति क्या है?

लेबनान के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इसराइल की ओर से की गई बमबारी में मरने वालों की संख्या 203 से 254 के बीच पहुंच गई है और 1000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। इसराइल ने बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में करीब 100 ठिकानों को निशाना बनाया है। UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत आम नागरिकों को सुरक्षा मिलना बेहद ज़रूरी है। मंत्रालय ने लेबनान की एकता और उसकी ज़मीन की अखंडता का पूरा समर्थन किया है और हिंसा को रोकने पर ज़ोर दिया है।

इस हमले के बाद क्षेत्र में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

  • लेबनान ने हमलों में जान गंवाने वालों के सम्मान में 9 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
  • ईरान ने इन हमलों के जवाब में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का फैसला लिया है।
  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि इन हमलों से शांति की कोशिशों को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
  • इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेंगे और यह ईरान के साथ हुए युद्धविराम का हिस्सा नहीं है।
  • अस्पतालों में घायलों की संख्या बहुत ज़्यादा होने की वजह से चिकित्सा व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
  • लेबनान की सेना ने जानकारी दी है कि इस बमबारी में उनके 4 सैनिकों की भी जान चली गई है।