यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने लेबनान के कई इलाकों में हुए इसराइली हमलों पर सख्त नाराजगी जताई है। UAE के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस तरह के हमलों से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। 9 अप्रैल 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में अमीरात ने लेबनान की संप्रभुता और वहां के नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया है। इस भीषण टकराव में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।

लेबनान में हुए नुकसान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की ताजा स्थिति

लेबनान के नागरिक सुरक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि 8 अप्रैल को हुए हमलों में मरने वालों का आंकड़ा अब 254 तक पहुंच गया है। घायलों की संख्या 1,165 के पार है जिसमें बेरुत जैसे बड़े शहर सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। इस घटना पर दुनिया भर से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

  • संयुक्त राष्ट्र: महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिक हताहतों की संख्या चौंकाने वाली है और युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है।
  • अरब संसद: स्पीकर मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही ने इसे पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
  • फ्रांस और ब्रिटेन: दोनों देशों ने लेबनान को भी मध्य पूर्व के किसी भी युद्धविराम समझौते में शामिल करने की वकालत की है।
  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक समझौते का पूरी तरह पालन नहीं होता, अमेरिकी सेना क्षेत्र में तैनात रहेगी।

UAE का पक्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर

UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने लेबनान की सरकार के साथ पूरी एकजुटता जाहिर की है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि आम लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तनाव का असर यात्रा और क्षेत्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

संबंधित पक्ष मुख्य अपडेट और स्थिति
मृतकों की संख्या लेबनान में 254 लोगों की मौत और 1165 घायल
UAE विदेश मंत्रालय लेबनान की एकता और संप्रभुता के लिए पूर्ण समर्थन
हिजबुल्लाह इसराइल पर जवाबी रॉकेट दागने का दावा किया
ईरान लेबनान में युद्धविराम को किसी भी डील के लिए जरूरी शर्त बताया
इसराइल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने का रुख अपनाया

UAE ने इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के समझौते पर भी अधिक स्पष्टता मांगी है। मंत्रालय ने强调 किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला और सुरक्षित रखना सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह खबर सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से काफी अहम है क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता सीधे तौर पर उनकी नौकरियों और रहन-सहन को प्रभावित करती है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com