UAE सरकार ने सीरिया के कुनेत्र और दारा इलाकों में इसराइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। सोमवार को विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक बयान जारी कर इस हमले को गलत बताया। UAE का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरा पहुंच सकता है।

UAE विदेश मंत्रालय ने 29 जून 2026 को जारी अपने बयान में कहा कि ये हमले सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि यह कार्रवाई 1974 के उस समझौते (Agreement of Disengagement) के खिलाफ है जो इसराइल और सीरिया के बीच हुआ था। UAE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि इन हमलों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं ताकि मामला और न बिगड़े।

UAE ने सीरिया की स्थिरता और उसकी सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, इस तरह के हमलों से इलाके में तनाव बढ़ता है और शांति की कोशिशों में रुकावट आती है।

अन्य देशों ने भी जताया विरोध

सिर्फ UAE ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों और संस्थाओं ने भी इसराइल की इस कार्रवाई की निंदा की है:

  • GCC: खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने 29 जून को इस हमले की निंदा की और सीरिया के साथ एकजुटता जताई।
  • सऊदी अरब: सऊदी अरब ने कुनेत्र और दारा में हुई गोलाबारी और सैन्य घुसपैठ की कड़ी आलोचना की।
  • कतर और तुर्किये: कतर और तुर्किये के विदेश मंत्रालयों ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और सीरिया की एकता पर हमला बताया।

वहीं, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों ने आम नागरिकों में दहशत पैदा कर दी है। उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन करार दिया है।