यूएई (UAE) सरकार ने वेस्ट बैंक (West Bank) के फिलिस्तीनी गांवों में इजरायली बस्तियों के लोगों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने रविवार, 26 जुलाई 2026 को जारी बयान में इजरायल सरकार से कहा है कि वह हिंसा करने वालों को जवाबदेह ठहराए और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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हिंसा में बढ़ी लोगों की परेशानी
हाल के दिनों में वेस्ट बैंक में हिंसा के मामले तेजी से बढ़े हैं। उपद्रवियों ने कुसरा और कौर में दो मस्जिदों को आग लगा दी और घरों व गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचाया। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में तोड़फोड़ की गई और कई जगह से गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं। यह तनाव 24 जुलाई को हुए उस हिंसक टकराव के बाद और गहरा गया, जिसमें चार फिलिस्तीनी और दो इजरायली नागरिकों की जान चली गई थी।
इजरायल सरकार की सुरक्षा कार्रवाई
हिंसा को रोकने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाने का आदेश दिया है। इसके तहत सेना ने सड़कों को सील कर दिया है और गांवों में छापेमारी तेज कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताहांत तक इजरायली बलों ने 70 से अधिक फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस साल अब तक कुल 87 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से 21 मौतें इजरायली बस्तियों के लोगों के हमलों के कारण हुई हैं।
जॉर्डन और अमेरिका जैसे देशों ने भी इस हिंसा पर चिंता जाहिर की है। यूएई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस तनाव को और बढ़ने से रोकें और शांति के लिए दो-राज्य समाधान (Two-state solution) के रास्ते पर जोर दिया है।
