संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद के आंगन में इजरायली चरमपंथियों द्वारा की गई घुसपैठ की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस घटना के दौरान इजरायली पुलिस की सुरक्षा में वहां इजरायली झंडा भी फहराया गया, जिसे UAE ने एक भड़काऊ और पूरी तरह से अस्वीकार्य कदम बताया है। खाड़ी क्षेत्र में इस घटना को लेकर काफी संवेदनशीलता बनी हुई है और UAE सरकार ने इस पर तुरंत अपना आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है।
UAE विदेश मंत्रालय ने इजरायली कार्रवाई पर क्या कहा?
UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है कि सुरक्षा के घेरे में धार्मिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के काम धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं और इससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। UAE ने इजरायली अधिकारियों को इस तरह के तनावपूर्ण कदमों को रोकने की जिम्मेदारी लेने को कहा है।
ऐतिहासिक स्थिति और जॉर्डन की भूमिका का सम्मान करने की मांग
UAE ने इस बात पर जोर दिया है कि अल-अक्सा मस्जिद की ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति का पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मस्जिद के प्रबंधन और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए जॉर्डन के ऐतिहासिक अधिकार और भूमिका को बनाए रखना आवश्यक है। UAE ने जॉर्डन द्वारा उठाए जाने वाले सभी सुरक्षात्मक कदमों को अपना पूरा समर्थन देने की बात दोहराई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति स्थापित करने की अपील
इस पूरे मामले पर शांतिपूर्ण समाधान की मांग करते हुए UAE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए आगे आएं। UAE ने कहा कि एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य के सपने को पूरा करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) के तहत बातचीत और प्रयास तेज किए जाने चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने अल-अक्सा मस्जिद की घटना पर क्या आपत्ति जताई है?
UAE के विदेश मंत्रालय ने इजरायली पुलिस के संरक्षण में मस्जिद के आंगन में घुसपैठ करने और वहां झंडा फहराने की घटना को भड़काने वाला और चरमपंथ को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।
इस विवाद में जॉर्डन की क्या भूमिका है?
जॉर्डन के पास अल-अक्सा मस्जिद के धार्मिक स्थलों और उनके रखरखाव की ऐतिहासिक और कानूनी जिम्मेदारी है। UAE ने इस जिम्मेदारी का सम्मान करने और जॉर्डन के सुरक्षा कदमों का पूरा समर्थन करने की बात कही है।
