खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने इराकी कुर्दिस्तान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वाणिज्य दूतावास पर हुए दूसरे हमले की कड़ी निंदा की है। GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इस घटना को बेहद खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले राजनयिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। यह आधिकारिक बयान 15 मार्च 2026 को जारी किया गया जिसमें यूएई के साथ पूरी एकजुटता दिखाई गई है।

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हमले के बाद GCC ने क्या कहा?

GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने बयान जारी कर इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस हमले को वियना कन्वेंशन (Vienna Convention) का गंभीर उल्लंघन बताया है। संगठन ने साफ किया है कि राजनयिक मिशनों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। GCC ने यूएई के प्रति अपना पूरा समर्थन जताते हुए आतंकवाद और हिंसा के हर रूप को खारिज किया है।

इस घटना का असर और मुख्य बातें

यह दूसरी बार है जब इराकी कुर्दिस्तान में यूएई के दूतावास को इस तरह निशाना बनाया गया है। इस घटना ने क्षेत्र में राजनयिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों के लिए भी क्षेत्रीय शांति बहुत जरूरी होती है। इस पूरे मामले से जुड़ी कुछ अहम बातें इस प्रकार हैं:

  • हमले की जगह: इराकी कुर्दिस्तान में स्थित UAE Consulate
  • GCC का रुख: हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
  • सुरक्षा चिंता: राजनयिकों और मिशन कर्मचारियों की सुरक्षा को बताया गया बड़ा खतरा
  • एकजुटता: सभी खाड़ी देश सुरक्षा के मामले में UAE के साथ खड़े हैं