संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कारोबार करने वालों के लिए टैक्स के नियम काफी अहम हो गए हैं। हाल ही में रस अल खैमाह इकॉनोमिक ज़ोन (RAKEZ) ने कंपनियों के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया। इसका मकसद बिजनेस मालिकों को UAE Corporate Tax और फाइनेंशियल मैनेजमेंट की सही जानकारी देना था। यह वर्कशॉप फेडरल टैक्स अथॉरिटी (FTA) के नियमों को समझने और कंपनियों को 10,000 दिरहम के भारी जुर्माने से बचाने में मदद करने के लिए रखी गई।

क्या हैं Corporate Tax के नियम और जुर्माना

टैक्स को लेकर कुछ नए नियम सख्ती से लागू किए गए हैं जिनका पालन करना सभी मेन लैंड और फ्री जोन कंपनियों के लिए जरूरी है। अब टैक्स सिस्टम एजुकेशनल से निकलकर एक्टिव एन्फोर्समेंट (सख्ती) के दौर में आ गया है, जहां ऑडिट ज्यादा होंगे।

  • रजिस्ट्रेशन: सभी बिजनेस के लिए टैक्स रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। अगर रजिस्ट्रेशन में देरी होती है तो 10,000 दिरहम का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • टैक्स की दरें: 375,000 दिरहम तक की नेट इनकम पर 0% टैक्स है। अगर कमाई इससे ज्यादा होती है, तो 9% टैक्स देना होगा।
  • खास छूट (SBR): 3 मिलियन दिरहम से कम रेवेन्यू वाले बिजनेस को स्मॉल बिजनेस रिलीफ का फायदा मिलेगा, जो केवल 31 दिसंबर 2026 तक के लिए लागू है।

टैक्स भरने के लिए RAKEZ की खास सर्विस और रेट

कंपनियों की सहूलियत के लिए RAKEZ ने कुछ सर्विस बंडल भी जारी किए हैं। इसकी मदद से बिजनेस बिना किसी परेशानी के अपना टैक्स फाइल कर सकते हैं और उनका रिकॉर्ड भी सही रहेगा। इन सर्विस के रेट कुछ इस प्रकार रखे गए हैं:

सर्विस का नाम फीस (AED)
Corporate Tax Readiness Consultation 1,499
Corporate Tax Registration 1,249
Zero Turnover Company Filing 1,800
Turnover Company Filing 3,749
Bookkeeping Services 5,250 से शुरू
Complete Bundle 9,949

RAKEZ के ग्रुप सीईओ Ramy Jallad ने बताया कि उनकी कोशिश कंपनियों को सही जानकारी देकर बिजनेस को सही तरीके से आगे बढ़ाने में मदद करना है। इसके अलावा सरकार जुलाई 2026 से ई-इनवॉइस सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू करने जा रही है, जिसके लिए कंपनियों को डिजिटल सिस्टम अपनाना होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.