UAE में नौकरी करने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। यहाँ एक व्यक्ति को कंपनी की कार समय पर न लौटाने की वजह से 30,000 दिरहम का जुर्माना भरना पड़ा। यह मामला नौकरी खत्म होने के बाद कंपनी की संपत्ति को अपने पास रखने से जुड़ा है।

कोर्ट ने यह फैसला तब सुनाया जब संबंधित व्यक्ति ने अपनी नौकरी समाप्त होने के बाद भी कंपनी की गाड़ी वापस नहीं की। अदालत ने इसे कंपनी की संपत्ति का अवैध कब्ज़ा माना और व्यक्ति को भारी हर्जाना भरने का आदेश दिया।

इन नियमों का रखें खास ख्याल

UAE में रोजगार और संपत्तियों से जुड़े मामले मुख्य रूप से दो कानूनों के तहत आते हैं। इन नियमों को समझना हर भारतीय और प्रवासी कर्मचारी के लिए जरूरी है ताकि वे कानूनी पचड़ों से बच सकें।

  • UAE Labour Law (Federal Decree-Law No. 33 of 2021): यह कानून नौकरी खत्म होने की शर्तों और कंपनी व कर्मचारी की जिम्मेदारियों को तय करता है। इसके आर्टिकल 44 के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी कंपनी की संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुँचाता है या बड़ी आर्थिक हानि करता है, तो उसे बिना नोटिस के नौकरी से निकाला जा सकता है।
  • New Civil Transactions Law (Federal Decree-Law No. 25 of 2025): यह कानून 1 जून 2026 से लागू होगा। यह कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन और किसी संपत्ति को अवैध रूप से अपने पास रखने पर मुआवजे के दावों का आधार बनता है।

सरकारी संस्थाओं की भूमिका

UAE में श्रम संबंधों और विवादों को देखने के लिए Ministry of Human Resources and Emiratisation (MOHRE) मुख्य सरकारी संस्था है। अगर किसी कर्मचारी को लगता है कि उसके अधिकारों का हनन हुआ है, तो वह यहाँ शिकायत कर सकता है। वहीं, कंपनी की संपत्ति वापस न मिलने जैसे विवादों का फैसला UAE की लेबर कोर्ट और सिविल कोर्ट करते हैं।

कर्मचारियों और कंपनियों के लिए जरूरी बातें

नौकरी खत्म होने के बाद दोनों पक्षों को कुछ नियमों का पालन करना होता है। कंपनी को कर्मचारी का बकाया वेतन, छुट्टियों का पैसा और एंड ऑफ सर्विस बेनिफिट्स 14 दिनों के भीतर देने होते हैं। वहीं कर्मचारी की यह जिम्मेदारी है कि वह कंपनी का सारा सामान, जैसे लैपटॉप, सिम कार्ड या गाड़ी, तुरंत वापस करे।

हाल ही में एक और मामला सामने आया था जहाँ दुबई की सिविल कोर्ट ने दो लोगों पर करीब 29,000 दिरहम का जुर्माना लगाया था। उन लोगों ने रेंट पर ली गई गाड़ी को एक्सीडेंट के बाद लावारिस छोड़ दिया था और देश छोड़ कर चले गए थे। इससे पता चलता है कि UAE की अदालतें कॉन्ट्रैक्ट के नियमों को लेकर बहुत सख्त हैं।