संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। अल ऐन की एक अदालत ने दो युवाओं को आदेश दिया है कि वे पीड़ित को ठगी गई पूरी रकम वापस करें। इन जालसाजों ने मोबाइल फोन रिचार्ज करने वाली एक फर्जी वेबसाइट बनाकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। यह फैसला हाल ही में सुनाया गया है जिससे आम लोगों और प्रवासियों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की बड़ी सीख मिलती है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई ठगी?
अल ऐन सिविल, कमर्शियल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्ट में एक व्यक्ति ने मामला दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना था कि मोबाइल रिचार्ज करने वाली एक फर्जी वेबसाइट के झांसे में आकर उसने अपने पैसे गंवा दिए। कोर्ट की जांच में पाया गया कि दो युवाओं ने मिलकर एक नकली वेबसाइट बनाई थी जो बिल्कुल असली मोबाइल रिचार्ज पोर्टल की तरह दिखती थी। इसी फर्जी वेबसाइट के जरिए उन्होंने पीड़ित से लगभग Dh15,000 की ठगी की थी।
कोर्ट ने फैसले में क्या आदेश दिया?
23 मई 2026 को आए अदालती फैसले में दोनों आरोपियों को कड़ी चेतावनी देते हुए पीड़ित के पैसे लौटाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने निम्नलिखित फैसले सुनाए हैं:
- जालसाजों को ठगी गई राशि Dh15,000 पीड़ित को वापस लौटानी होगी।
- इसके साथ ही, पीड़ित को मानसिक और वित्तीय परेशानी झेलने के लिए Dh3,000 का अतिरिक्त मुआवजा भी देना होगा।
- अदालत ने स्पष्ट किया कि गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए पैसे को वापस करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
धोखाधड़ी से बचने के लिए अधिकारियों की सलाह
यूएई के साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स और सरकारी अधिकारियों ने इस मामले के बाद एक बार फिर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी टेलीकॉम रिचार्ज या अन्य भुगतान के लिए केवल आधिकारिक एप्लीकेशन और वेरिफाइड पेमेंट पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह आपकी बैंकिंग जानकारी चुराने का जरिया हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली वेबसाइट फ्रॉड से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
हमेशा आधिकारिक सरकारी या कंपनी की वेबसाइट और अधिकृत मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक या अनधिकृत वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
अल ऐन कोर्ट ने जालसाजों पर कितना भुगतान करने का आदेश दिया है?
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को Dh15,000 की मूल राशि पीड़ित को वापस करने और मानसिक व वित्तीय नुकसान के लिए Dh3,000 का अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया है।
