UAE ने तेल उत्पादन के मामले में एक बड़ी छलांग लगाई है और अब देश में कच्चे तेल का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। यह बदलाव तब आया जब UAE ने पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) संगठन को छोड़ने का फैसला किया। सरकार का मकसद अब अपनी पूरी क्षमता के साथ तेल निकालना और दुनिया भर में इसकी सप्लाई बढ़ाना है।

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UAE आधिकारिक तौर पर 28 अप्रैल 2026 को OPEC से अलग हो गया था और यह फैसला 1 मई 2026 से लागू हुआ। इस फैसले के साथ ही UAE की इस संगठन के साथ 59 साल पुरानी सदस्यता खत्म हो गई। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि वह अपनी मर्जी से उत्पादन तय कर सके और निवेश से ज्यादा मुनाफा कमा सके।

UAE के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री Suhail Al Mazrouei ने बताया कि यह एक नीतिगत फैसला था। इससे पहले UAE को OPEC+ के कोटे की वजह से अपनी क्षमता से कम तेल निकालना पड़ता था। साल 2025 के अंत तक UAE की क्षमता 48.5 लाख बैरल प्रतिदिन थी, लेकिन कोटा केवल 34 लाख बैरल था। ADNOC के CEO Dr. Sultan Al Jaber ने कहा कि यह फैसला देश के दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति और राष्ट्रीय हित में लिया गया है।

अमेरिका में UAE के राजदूत Yousef Al Otaiba ने 2 जुलाई 2026 को कहा कि OPEC छोड़ने के बाद UAE अब रिकॉर्ड स्तर पर तेल निर्यात कर रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अच्छी खबर है। जून 2026 में UAE के कच्चे तेल और कंडेनसेट का निर्यात करीब 37 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

तेल उत्पादन और क्षमता के आंकड़े

विवरण आंकड़ा/डेटा
मई 2026 उत्पादन 21.1 लाख बैरल प्रतिदिन
अप्रैल 2026 उत्पादन 20.23 लाख बैरल प्रतिदिन
जून 2026 एक्सपोर्ट (रिकॉर्ड) 37 लाख बैरल प्रतिदिन
अप्रैल 2020 का पिछला रिकॉर्ड 34.4 लाख बैरल प्रतिदिन
अबू धाबी लोडिंग (जून) 40 लाख बैरल प्रतिदिन
2025 की उत्पादन क्षमता 48.5 लाख बैरल प्रतिदिन
2027 का लक्ष्य 50 लाख बैरल प्रतिदिन
कुल निवेश योजना (2030 तक) 150 अरब डॉलर

ADNOC अब 2027 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए 2030 तक 150 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। साथ ही 2026 से 2028 के बीच प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 55 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।

ADNOC Drilling के CFO Youssef Salem ने 3 जुलाई 2026 को बताया कि अगर सरकार मंजूरी देती है, तो कंपनी 2027 के 50 लाख बैरल के लक्ष्य से भी आगे निकल सकती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग की दिक्कतों के बावजूद उनके ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और काम सुचारू रूप से चल रहा है।