UAE में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर आई है. आजकल साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का गलत इस्तेमाल करके बड़ी चालाकी से लोगों को ठग रहे हैं. यूएई गवर्नमेंट साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के अनुसार, डिजिटल फ्रॉड के करीब 90 फीसदी मामलों में अब AI का हाथ है. इस नए तरीके में अपराधी कंपनियों के बड़े अधिकारियों की आवाज और चेहरा बनाकर कर्मचारियों से लाखों-करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा रहे हैं.
कंपनियों को निशाना बनाने वाले 3 सबसे बड़े साइबर फ्रॉड
धोखेबाजों ने ठगी के लिए ऐसे तरीके खोज लिए हैं जिन्हें पहचानना सामान्य व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल हो गया है. विशेषज्ञ बताते हैं कि ये तीन तरीके सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं:
- डीपफेक CEO: इसमें अपराधी AI के जरिए कंपनी के बड़े बॉस या डायरेक्टर की आवाज और वीडियो की नकल करते हैं. इसके बाद कर्मचारियों को अचानक वीडियो कॉल या ऑडियो कॉल करके अर्जेंट पेमेंट करने को कहा जाता है. साल 2020 में यूएई में एक कंपनी डायरेक्टर की आवाज कॉपी करके लगभग 35 मिलियन डॉलर यानी करोड़ों रुपये उड़ा लिए गए थे.
- नकली सप्लायर: हैकर्स कंपनियों के पुराने सप्लायर के जैसे दिखने वाले फर्जी ईमेल और बिल भेजते हैं. AI की मदद से ये ईमेल बिल्कुल असली लगते हैं और लोग बिना शक किए पेमेंट कर देते हैं.
- AI फिशिंग: पहले के समय में फर्जी ईमेल में स्पेलिंग की गलतियां होती थीं जिससे उन्हें पकड़ना आसान था. लेकिन अब AI की मदद से बिल्कुल बिना किसी गलती के और असली जैसे दिखने वाले ईमेल और लिंक तैयार किए जाते हैं.
यूएई में पकड़े जाने पर कितनी सजा और जुर्माना लगेगा
यूएई सरकार इस तरह के साइबर अपराधों को रोकने के लिए बहुत सख्त नियम अपना रही है. यूएई के कानून के तहत इन अपराधों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं:
- फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 34 (2021): इस कानून के आर्टिकल 44 के तहत, अगर कोई भी व्यक्ति AI का गलत इस्तेमाल करके किसी को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे 6 महीने से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. साथ ही 30 लाख दिर्हाम यानी करीब 3 मिलियन AED तक का जुर्माना लग सकता है.
- फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 31 (2021): धोखाधड़ी और प्राइवेसी में दखल देने पर कम से कम 1 साल की जेल और 2.5 लाख से लेकर 10 लाख दिर्हाम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
- प्रवासियों के लिए सख्त नियम: यूएई के अटॉर्नी जनरल ने साफ चेतावनी दी है कि गलत जानकारी या एआई से बनी फर्जी चीजें फैलाने वाले प्रवासियों को देश से डिपोर्ट यानी बाहर निकाल दिया जाएगा.
यूएई के अर्थव्यवस्था मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने भी गिटेक्स ग्लोबल के दौरान अपने नकली डीपफेक वीडियो को लेकर लोगों को सावधान किया था और कहा था कि लोग केवल सरकारी और भरोसेमंद स्रोतों पर ही विश्वास करें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
AI फिशिंग से खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें और पेमेंट करने से पहले संबंधित व्यक्ति या सप्लायर को डायरेक्ट फोन करके दोबारा वेरिफिकेशन जरूर करें.
क्या यूएई में एआई के जरिए ठगी करने पर कंपनियों पर भी कार्रवाई हो सकती है?
हां, यूएई के साइबर कानूनों के अनुसार यदि कोई कॉर्पोरेट संस्था लापरवाही बरतती है, तो उस पर भारी जुर्माना और निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है.
