UAE सरकार ने देश के वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाने वाले कई जटिल साइबर हमलों को नाकाम कर दिया है। साइबर सिक्योरिटी काउंसिल (CSC) ने यह जानकारी दी कि उनके नेशनल सिस्टम ने इन हमलों को समय रहते पकड़ लिया और उन्हें ब्लॉक कर दिया, जिससे वित्तीय सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आई और डिजिटल सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित रहे।

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साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने दी जानकारी

UAE सरकार की साइबर सिक्योरिटी काउंसिल (CSC) ने शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को बताया कि राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा प्रणाली ने इन इलेक्ट्रॉनिक हमलों का पता लगाया और उन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया। काउंसिल ने कहा कि देश के महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निवेश किया जा रहा है।

हमलों का तरीका और AI का इस्तेमाल

इन हमलों को काफी एडवांस और जटिल बताया गया है। हमलावरों ने डिजिटल सिस्टम में सेंध लगाने, फिशिंग कैंपेन चलाने और खतरनाक सॉफ्टवेयर (मैलवेयर) फैलाने की कोशिश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अब हमलावर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे हमलों के तरीके और भी जटिल हो गए हैं।

पहले भी हुए थे ऐसे हमले

यह पहली बार नहीं है जब UAE को ऐसे खतरों का सामना करना पड़ा हो। फरवरी 2026 में भी AI आधारित साइबर हमलों की एक बड़ी लहर को रोका गया था। साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने कन्फर्म किया कि 2026 की शुरुआत से अब तक UAE में 128 साइबर खतरों की घटनाएं सामने आईं, जिनमें सरकारी प्रशासन, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर सबसे ज्यादा निशाने पर रहे।

फरवरी में हुए हमलों को आतंकवादी प्रकृति का बताया गया था, जिसमें नेटवर्क में घुसपैठ और रैनसमवेयर जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इन सभी कोशिशों को समय रहते नाकाम कर दिया गया और डेटा की सुरक्षा बनी रही।

संस्थानों के लिए जरूरी निर्देश

CSC ने सभी संबंधित संगठनों को सलाह दी है कि वे राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें। साथ ही, सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट करने, बचाव के पुख्ता इंतजाम करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है।