UAE में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी आई है. ईरान से जुड़े हैकर्स अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल करके देश के डिजिटल सिस्टम पर हमला कर रहे हैं. सरकार ने इस खतरे को देखते हुए लोगों को सावधान रहने को कहा है क्योंकि ये हमले अब पहले से कहीं ज़्यादा खतरनाक और स्मार्ट हो गए हैं.

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ईरान के साइबर हमलों में कितनी बढ़ोतरी हुई

UAE सरकार ने बताया कि पिछले कुछ समय में साइबर हमलों की संख्या में भारी उछाल आया है. फरवरी 2026 के बीच से देश पर हर दिन 600,000 से 800,000 साइबर हमले होने की कोशिश की जा रही है, जबकि पहले यह संख्या केवल 90,000 से 200,000 के बीच थी. पिछले छह महीनों में AI की मदद से किए गए साइबर हमलों में 340% की वृद्धि दर्ज की गई है. साथ ही, 2026 की पहली तिमाही में फ़िशिंग यानी धोखाधड़ी वाले मैसेज में 32% की बढ़त देखी गई है.

हैकर्स किन AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं

UAE सरकार साइबर सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद हमद अल कुवैती ने खुलासा किया कि ईरानी हैकर्स अब ChatGPT और WormGPT जैसे AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं. इन टूल्स की मदद से वे वायरस प्रोग्राम कर रहे हैं और सरकारी सिस्टम की कमियों को ढूंढ रहे हैं. हमलों के मुख्य निशाने ये रहे हैं:

  • AWS डेटा सेंटर: मार्च 2026 में UAE और बहरीन के डेटा सेंटर्स पर ड्रोन हमले हुए जिससे डिजिटल सेवाएं ठप हो गईं.
  • सरकारी पोर्टल: वित्तीय सेवाएं, सरकारी वेबसाइट और विमानन क्षेत्र को निशाना बनाया गया.
  • धोखाधड़ी: डीपफेक ऑडियो और वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई.

अफवाह फैलाने वालों के लिए सख्त नियम

UAE के अटॉर्नी जनरल ने सख्त चेतावनी दी है कि AI का इस्तेमाल करके कोई भी भ्रामक सामग्री या अफवाह फैलाएगा तो उसे गंभीर सजा भुगतनी होगी. इसमें जेल की सजा, भारी जुर्माना और प्रवासियों (Expats) के मामले में उन्हें देश से बाहर निकाला जाना (निर्वासन) शामिल है. सरकार ने लोगों की मदद के लिए एक द्विभाषी गाइड भी जारी की है ताकि वे फ़िशिंग और डीपफेक सामग्री की पहचान कर सकें.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के साइबर हमले UAE के किन क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं?

इन हमलों का मुख्य निशाना सरकारी पोर्टल, वित्तीय सेवाएं, विमानन, उपग्रह संचार और Amazon Web Services (AWS) के डेटा केंद्र हैं.

AI से जुड़ी अफवाहें फैलाने पर क्या सजा हो सकती है?

UAE अटॉर्नी जनरल के अनुसार, भ्रामक AI सामग्री फैलाने पर कारावास, बड़ा जुर्माना और प्रवासियों के लिए निर्वासन जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.