UAE में रहने वाले लोग अब इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय बहुत सावधान रहें। साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने चेतावनी दी है कि आपकी एक छोटी सी पोस्ट, फोटो या कमेंट आपकी पहचान चोरी करने के लिए इस्तेमाल हो सकता है। यह खबर हर उस इंसान के लिए जरूरी है जो सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करता है, क्योंकि आपकी डिजिटल जानकारी अब साइबर अपराधियों के निशाने पर है।

🗞️: Oman Update: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैक्स लगाने से ओमान का इनकार, ईरान के दावों पर लगाया ब्रेक

काउंसिल ने बताया कि इंटरनेट पर हम जो भी गतिविधि करते हैं, वह एक डिजिटल रिकॉर्ड छोड़ती है जिसे Digital Footprint कहा जाता है। यह दो तरह का होता है। एक वह जो हम खुद अपनी मर्जी से शेयर करते हैं, जैसे सोशल मीडिया पोस्ट, और दूसरा वह जो हमारी जानकारी के बिना ट्रैक किया जाता है। काउंसिल के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर महीने 1.4 अरब से ज्यादा अकाउंट हैक हो रहे हैं और इसी डेटा का इस्तेमाल करके अपराधी लोगों को ठग रहे हैं।

अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि तीन में से एक व्यक्ति की डिजिटल पहचान चोरी होने का खतरा है। डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता की वजह से पहचान चोरी करने वाले हमलों में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। चिंता की बात यह है कि UAE में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले 40 प्रतिशत लोगों ने अपनी निजी जानकारी साझा करने के बाद हैकिंग का सामना किया है। इसके अलावा, इंटरनेट पर मौजूद 25 प्रतिशत पब्लिक फाइलों में लोगों का बेहद निजी डेटा मौजूद है।

काउंसिल ने उन ऐप्स के प्रति भी आगाह किया है जो भरोसेमंद नहीं हैं। ऐसे ऐप्स आपकी इजाजत के बिना आपके फोन का कैमरा और माइक्रोफोन एक्सेस कर सकते हैं और आपकी कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं। जनवरी 2026 में जारी चेतावनी में कहा गया कि पुराने और बिना काम के ऐप्स और अकाउंट्स को डिलीट करने से धोखाधड़ी के जोखिम को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये तरीके

अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:

  • Two-Factor Authentication (MFA) को ईमेल, सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स में जरूर चालू करें, इससे 99 प्रतिशत हमलों को रोका जा सकता है।
  • ऐप्स को हमेशा केवल आधिकारिक स्टोर (Official Stores) से ही डाउनलोड करें और उनकी परमिशन को ध्यान से चेक करें।
  • अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और अपनी लोकेशन शेयर करने से बचें।
  • पुराने और बेकार ऐप्स को तुरंत डिलीट करें और बंद पड़े अकाउंट्स को क्लोज करें।
  • समय-समय पर इंटरनेट पर अपना नाम सर्च करके देखें कि आपकी कितनी जानकारी पब्लिक है और जरूरत पड़ने पर उसे हटाने की रिक्वेस्ट करें।
  • पासवर्ड को मजबूत रखें और एक ही पासवर्ड को बार-बार अलग-अलग जगह इस्तेमाल न करें।

काउंसिल ने साफ किया कि साइबर सुरक्षा की शुरुआत व्यक्ति की अपनी जागरूकता और जिम्मेदारी से होती है। यह कदम UAE को एक सुरक्षित डिजिटल स्पेस बनाने की दिशा में उठाया गया है, जिसे “Cyber Pulse” जैसी मुहिम के जरिए लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.