दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री शेख Hamdan bin Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने 9 जून 2026 को साल की दूसरी डिफेंस काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में देश की सुरक्षा को और मजबूत करने और सेना को आधुनिक तकनीकों से लैस करने को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इसका सीधा असर यूएई की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल मिल सके। सरकार देश की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार लगातार अपडेट कर रही है।

सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के लिए क्या फैसले हुए?

बैठक के दौरान शेख हमदान ने यूएई की सैन्य व्यवस्था को दुनिया के सबसे ऊंचे मानकों पर ले जाने पर जोर दिया। उन्होंने रक्षा प्रणाली के सभी विभागों में क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने की बात कही।

  • तकनीकी विकास: सेना को नई और आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा।
  • ऑपरेशनल रेडिनेस: किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सेना की तैयारियों को और मजबूत किया जाएगा।
  • मानव संसाधन का विकास: सेना के जवानों और अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस बैठक में कौन-कौन से बड़े अधिकारी मौजूद रहे?

इस महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्रालय और यूएई सशस्त्र बलों के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईसा सैफ बिन अबलान अल मजरूई और रक्षा मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल स्टाफ इब्राहिम नासर अल अलवी मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक में भविष्य की रक्षा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और नवाचार यानी इनोवेशन को बढ़ावा देने पर सहमति बनी ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा मजबूत रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह डिफेंस काउंसिल की बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई?

यह बैठक 9 जून 2026 को दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूएई की सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाना, रक्षा प्रणालियों में सुधार करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना है।