UAE की सरकार ने डिलीवरी करने वाले वर्कर्स की सेहत और सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गर्मी के मौसम में धूप से बचने के लिए देशभर में 12 हजार से ज़्यादा एयर-कंडीशन्ड (AC) रेस्ट स्टेशन बनाए गए हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए होगी जो कड़ी धूप में सामान पहुँचाने का काम करते हैं और जिन्हें अक्सर खुले इलाकों में रहना पड़ता है।
क्या है नया नियम और समय
Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) ने बताया कि 15 जून से 15 सितंबर 2026 तक ‘Occupational Heat Stress Prevention Policy’ लागू रहेगी। इस नियम के तहत दोपहर 12:30 बजे से 3:00 बजे तक खुली जगह पर और सीधी धूप में काम करने की मनाही होगी। यह नियम वर्कर्स को भीषण गर्मी और लू के खतरों से बचाने के लिए बनाया गया है।
रेस्ट स्टेशन और उनकी सुविधाएँ
सरकार और प्राइवेट कंपनियों ने मिलकर 12,000 से ज़्यादा AC रेस्ट स्टेशन तैयार किए हैं, जहाँ बुनियादी सुविधाएँ मौजूद होंगी। डिलीवरी वर्कर्स अपनी डिवाइस में मौजूद इंटरएक्टिव मैप के ज़रिए अपने पास का सबसे नज़दीकी रेस्ट स्टेशन ढूँढ सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर वहाँ आराम कर सकते हैं। यह सुविधा अब लगातार चौथे साल दी जा रही है।
वर्कर्स के पास क्या विकल्प हैं
नियम के मुताबिक, डिलीवरी वर्कर्स अपनी कंपनी से तालमेल बिठाकर यह तय कर सकते हैं कि वे दोपहर के प्रतिबंधित समय में काम जारी रखेंगे या काम रोक देंगे। MoHRE ने साफ़ किया कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने वालों के लिए यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि वे किसी एक जगह पर नहीं रहते और उन्हें समय पर डिलीवरी भी करनी होती है।
इन संस्थाओं ने मिलकर किया काम
इस मानवीय पहल में कई सरकारी और प्राइवेट संस्थाओं ने अपना सहयोग दिया है। इसमें मुख्य रूप से ये नाम शामिल हैं:
- सरकारी संस्थाएं: MoHRE, दुबई की Roads and Transport Authority (RTA), अबू धाबी मोबिलिटी (DMT), और अलग-अलग अमीरातों के आर्थिक विकास विभाग।
- प्राइवेट प्लेटफॉर्म: Talabat, Deliveroo, Noon, Careem, और Keeta जैसी कंपनियों के साथ-साथ कई रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल और क्लाउड किचन भी इस मुहिम से जुड़े हैं।
इस पूरे सिस्टम के तहत जागरूकता प्रोग्राम और निरीक्षण प्रक्रिया भी चलाई जाएगी ताकि नियमों का पालन हो सके और वर्कर्स की सेहत और उत्पादकता बनी रहे।
