UAE के विदेश राज्य मंत्री Khalifa Shaheen Al Marar ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत और बिना किसी शर्त के खोला जाए। अल मरार ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को रोकना पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार माना जाना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर UAE ने क्या मांग की है?

UAE के मंत्री Khalifa Shaheen Al Marar ने कहा कि समुद्री रास्तों में बाधा डालना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अवैध फीस वसूल रहा है, समुद्र में माइन्स बिछा रहा है और जहाजों पर हमले कर रहा है। अल मरार ने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करता रहा, तो यह दुनिया की स्थिरता के लिए बहुत खतरनाक होगा।

सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और अन्य देशों का क्या कहना है?

इस मामले पर कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने अपनी बात रखी है:

  • Resolution 2817: 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र ने ईरान की हरकतों की निंदा करते हुए यह प्रस्ताव पास किया था।
  • António Guterres: UN महासचिव ने कहा कि जहाजों को रास्ता दिया जाए ताकि दुनिया की अर्थव्यवस्था, तेल और खाद्य सुरक्षा पर असर न पड़े।
  • Bahrain: बहरीन ने इस बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
  • US Ambassador: Mike Waltz ने कहा कि दुनिया ईरान की ‘बंधक बनाने की चाल’ की कीमत चुका रही है और यह रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है।

चीन और रूस ने क्यों रोका सुरक्षा प्रस्ताव?

7 अप्रैल 2026 को सुरक्षा परिषद में एक नया प्रस्ताव लाया गया था जिसका मकसद समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करना था। इस प्रस्ताव में नेवल एस्कॉर्ट जैसी सुविधाओं की बात कही गई थी। लेकिन चीन और रूस ने इसे वीटो कर दिया। इन दोनों देशों का कहना था कि प्रस्ताव में ईरान पर अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों का जिक्र नहीं किया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य इतना जरूरी क्यों है?

यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। अगर यहाँ जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और ग्लोबल इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ता है।

UAE ने ईरान पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?

UAE ने आरोप लगाया है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर अवैध फीस ली है, समुद्री माइन्स बिछाई हैं और नागरिक जहाजों को धमकाया है।