UAE ने दुनिया के सामने ईरान की हरकतों का मुद्दा उठाया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में UAE ने मांग की है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को तुरंत और बिना किसी शर्त के खोला जाए. इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल और सामान की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है.
UAE ने UN में ईरान के खिलाफ क्या कहा?
UAE के मंत्री Khalifa bin Shaheen Al Marar ने 1 मई 2026 को UN सुरक्षा परिषद में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है. ईरान ने जहाजों पर अवैध फीस लगाई और समुद्री रास्तों में बारूद (mines) बिछाया. मंत्री ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए कहा कि ईरान ने नौवहन में बाधा डाली है और उसे इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.
होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से क्या असर होगा?
यह समुद्री रास्ता दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है. इसके बंद होने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और सप्लाई चेन खराब हो रही है. इसका सबसे बुरा असर विकासशील देशों में खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता और सुरक्षा पर पड़ रहा है. UAE ने साफ किया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस रास्ते को खुला रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.
ईरान पर UAE का भरोसा क्यों कम हुआ?
UAE के राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने 1 मई 2026 को बयान दिया कि ईरान के किसी भी एकतरफा फैसले पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इससे पहले 8 से 10 अप्रैल 2026 के बीच UAE विदेश मंत्रालय और ADNOC के CEO डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने भी इसी तरह की मांग की थी. उन्होंने ईरान से हाल के हमलों के लिए मुआवजे की मांग भी की थी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने UN में क्या मांग की है
UAE ने मांग की है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के तुरंत खोला जाए और अंतरराष्ट्रीय नौवहन में रुकावट डालने के लिए ईरान को जवाबदेह बनाया जाए.
ईरान पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगे हैं
ईरान पर जहाजों से अवैध फीस वसूलने, समुद्री रास्तों में बारूद बिछाने और विदेशी जहाजों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने के आरोप लगे हैं.