UAE सरकार ने ईरान को 3 अरब डॉलर भेजने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। विदेश मंत्रालय ने साफ़ किया है कि ऐसा कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है। सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही इन खबरों को सरकार ने बेबुनियाद और झूठा करार दिया है।
UAE विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स ने यह खबर छापी थी कि UAE से ईरान को भारी मात्रा में फंड भेजा गया है। सरकार ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ईरान के किसी भी फ्रीज किए गए फंड को न तो रिलीज किया गया है और न ही UAE के जरिए किसी तरह का ट्रांसफर किया गया है। मंत्रालय ने मीडिया हाउस से अपील की है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और बिना पुष्टि के खबरें न चलाएं।
ईरान और अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस मामले में केवल UAE ही नहीं, बल्कि अन्य पक्षों ने भी अपनी बात रखी है। ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज़ एजेंसी ने भी इन रिपोर्ट्स को गलत बताया और कहा कि उनके फ्रीज किए गए वित्तीय एसेट्स को रिलीज नहीं किया गया है। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने इन खबरों को ‘फेक इंफॉर्मेशन’ कहा। उन्होंने साफ़ किया कि ईरान के साथ किसी भी शांति समझौते के बदले कैश पेमेंट या फंड रिलीज करने की कोई बात नहीं हुई है।
क्या थी ये खबरें
दरअसल, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि UAE ने ईरान के 10 अरब से 20 अरब डॉलर के फ्रीज फंड्स छोड़ने पर सहमति जताई है। खबर में यह भी कहा गया था कि इनमें से 3 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत का हिस्सा बताया जा रहा था, ताकि क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म किया जा सके और ईरान के फ्रीज तेल राजस्व को वापस दिलाया जा सके।
