संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने उन खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से देश का दौरा किया। UAE की आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM ने साफ कर दिया है कि ऐसी कोई मुलाकात या इजरायली सैन्य प्रतिनिधिमंडल का आना सच नहीं है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब इजरायल की तरफ से कुछ दावे किए गए थे।

क्या वाकई बेंजामिन नेतन्याहू UAE आए थे?

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दावा किया था कि बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान चुपके से UAE का दौरा किया था। उनका कहना था कि उन्होंने वहां राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से मुलाकात की, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में बड़ी कामयाबी मिली। हालांकि, 14 मई 2026 को UAE की एजेंसी WAM ने इन सभी दावों को गलत बताया। UAE ने कहा कि इजरायल के साथ उनके संबंध ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ (Abraham Accords) के दायरे में हैं और ये पूरी तरह सार्वजनिक हैं। सरकार ने साफ किया कि किसी भी गुप्त या गैर-पारदर्शी समझौते का कोई आधार नहीं है।

इजरायली सेना और आयरन डोम को लेकर क्या दावे हुए?

इस मामले में कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आईं। 12 मई 2026 को इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने बताया था कि इजरायल ने UAE में आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम और अपने कर्मी भेजे हैं। इसके अलावा, ऐसी रिपोर्ट्स भी थीं कि मार्च और अप्रैल 2026 में मोसाद चीफ डेविड बर्निया दो बार UAE आए थे। लेकिन UAE सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तक आधिकारिक तौर पर घोषणा न हो, किसी भी अनअनाउंस यात्रा या गुप्त व्यवस्था की खबरों को सच न माना जाए। सरकार ने मीडिया संस्थानों से भी पेशेवर तरीके से काम करने और बिना पुष्टि के खबरें न चलाने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE ने नेतन्याहू के दौरे पर क्या बयान दिया है?

UAE ने WAM के जरिए यह साफ किया कि बेंजामिन नेतन्याहू की गुप्त यात्रा और इजरायली सैन्य प्रतिनिधिमंडल के आने की खबरें पूरी तरह से गलत और निराधार हैं।

UAE और इजरायल के बीच संबंध किस आधार पर चलते हैं?

UAE के अनुसार, इजरायल के साथ उनके सभी संबंध आधिकारिक तौर पर घोषित ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ के ढांचे के भीतर चलते हैं और इसमें कुछ भी गुप्त नहीं है।