UAE News: यूएई में रेजिडेंसी रद्द होने और ईरान को मदद की खबर फर्जी, सरकार ने किया बड़ा खुलासा।

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में इन दिनों सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों के मन में काफी चिंता पैदा हो गई है। लोग इस बात को लेकर परेशान थे कि क्या सच में लेबर रेजिडेंसी रद्द की जा रही है और क्या देश ईरान को किसी तरह की वित्तीय सहायता दे रहा है। इन सभी अफवाहों पर अब यूएई सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान आ गया है और सब कुछ साफ कर दिया गया है।
डॉक्टर अनवर गर्गश का स्पष्ट बयान
यूएई के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार Dr. Anwar Gargash ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 19 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जितनी भी खबरें फैलाई जा रही हैं वे पूरी तरह से झूठी हैं और यह सिर्फ एक तरह का गलत प्रचार अभियान है। उन्होंने यह भी बताया कि देश इस समय क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान दे रहा है और ऐसे में कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार इन सभी झूठे दावों का जवाब कागजी बातों से नहीं बल्कि जमीन पर किए जा रहे अपने ठोस कामों से दे रही है।
व्यापार और वित्तीय लेन-देन पर बड़ा फैसला
इस पूरी स्थिति के पीछे हाल ही में हुए कुछ भू-राजनीतिक तनाव भी जुड़े हुए हैं। यूएई के विदेश मंत्रालय में रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक और आधिकारिक प्रवक्ता Afra Al Hameli ने 18 अगस्त 2026 को ऐलान किया था कि यूएई ने ईरान के साथ अपने सभी तरह के व्यापारिक रिश्ते, कमर्शियल एक्सचेंज और वित्तीय लेनदेन अगले आदेश तक पूरी तरह से रोक दिए हैं। यह कड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरान की तरफ से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को पकड़ा था जो समुद्री नेविगेशन को निशाना बना रही थीं। इस खतरे के बाद यूएई के गृह मंत्रालय ने तुरंत मोबाइल फोन पर एक अलर्ट जारी करके वहां के नागरिकों और प्रवासियों को सतर्क किया था और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा था।
ईरान को तीन अरब डॉलर भेजने की खबर झूठी
यूएई ने इससे पहले भी ईरान के साथ किसी भी तरह के वित्तीय संबंधों की खबरों को सिरे से खारिज किया है। इससे पहले 13 जून 2026 को यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह बेबुनियाद बताया था जिनमें कहा गया था कि यूएई ने ईरान को 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर किए हैं। मंत्रालय ने तब भी यह साफ किया था कि ईरान का कोई भी रुका हुआ फंड न तो जारी किया गया है और न ही यूएई के रास्ते से किसी दूसरे देश में भेजा गया है। भारत और अन्य देशों से जो लोग यूएई में काम करने जाते हैं या वहां रहते हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि सरकार पूरी तरह से सुरक्षित माहौल दे रही है और ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें जो केवल डर फैलाने के लिए फैलाई जाती हैं।