यूएई (UAE) सरकार और ईरान के बीच अरबों डॉलर के लेन-देन की खबरों ने सबको चौंका दिया है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि यूएई ने ईरान के लिए अरबों डॉलर जारी करने का फैसला किया है. हालांकि अब यूएई सरकार ने इस खबर पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और इसे पूरी तरह गलत बताया है.

क्या है पूरा मामला

12 जून 2026 को Reuters न्यूज़ एजेंसी ने एक रिपोर्ट दी थी. इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि UAE ने ईरान के लिए अरबों डॉलर की रकम जारी करने पर सहमति जताई है. कहा गया कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से ईरान की तरफ से खाड़ी देशों पर हमले हो रहे थे और UAE इस तनाव को कम करना चाहता था.

UAE सरकार ने खबर को बताया गलत

इस खबर के आने के बाद 13 जून 2026 की सुबह UAE के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया. मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया. सरकार ने साफ किया कि 3 अरब डॉलर सहित किसी भी तरह की रकम ईरान को नहीं भेजी गई है. मंत्रालय ने कहा कि किसी भी जमी हुई ईरानी राशि को UAE के जरिए ट्रांसफर नहीं किया गया है.

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत

इस बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने 12 जून को बताया कि ईरान को सिर्फ डील साइन करने या मीटिंग में आने के लिए पैसे नहीं दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि कोई भी डील ‘परफॉर्मेंस-बेस्ड’ होगी, जिसका मतलब है कि ईरान जब अपनी शर्तों को पूरा करेगा, तभी उसके पैसे जारी होंगे. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाले अंतरिम समझौते में होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बात होगी, लेकिन इसमें परमाणु कार्यक्रम शामिल नहीं है.

पाकिस्तान का दावा और पुराना तनाव

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने 12 जून को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का अंतिम मसौदा (Final Text) तैयार हो गया है. बता दें कि ईरान और UAE के बीच तनाव काफी समय से चल रहा है. 4 मई को ईरान ने UAE के फुज़ैरह पोर्ट पर हमला किया था. इससे पहले भी ईरान ने खाड़ी देशों पर 260 मिसाइल और 1,440 ड्रोन से हमले किए थे, जिससे वहां के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था और आम लोग प्रभावित हुए थे.