UAE में डिजिटल सुरक्षा के सख्त नियम, अब बच्चों की फोटो सोशल मीडिया पर डालना पड़ेगा महंगा

अबू धाबी की सिविल फैमिली कोर्ट ने 9 जून 2026 को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस फैसले के तहत तलाकशुदा माता-पिता को अपने बच्चों की सोशल मीडिया पर मौजूद सभी पुरानी तस्वीरें और निजी जानकारी को हटाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी ऐसी कोई भी सामग्री साझा नहीं की जाएगी जो बच्चों के हित के खिलाफ हो या उनकी निजيةता में दखल देती हो। यह नियम पारिवारिक तस्वीरों और कमर्शियल कंटेंट दोनों पर लागू होता है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए नए कड़े कानून
यह फैसला यूएई के 'वदीमा लॉ' (फेडरल लॉ नंबर 3/2016) पर आधारित है, जो बच्चों के अधिकारों और उनकी निजता की सुरक्षा करता है। कोर्ट का मानना है कि छोटी उम्र में सोशल मीडिया पर मौजूदगी से बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यदि कोई माता-पिता इस आदेश का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें जेल की सजा हो सकती है या फिर उनकी संयुक्त कस्टडी (Joint Custody) भी खत्म की जा सकती है।
15 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के लिए पाबंदी
यूएई कैबिनेट ने 18 जून 2026 को रिजोल्यूशन नंबर 106 पास किया है, जिसके अनुसार सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र 15 साल तय कर दी गई है। अब 15 साल से कम उम्र का कोई भी बच्चा अपना सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकता है और न ही उस पर कोई पोस्ट या कमेंट कर सकता है। माता-पिता की सहमति भी इस नियम को ओवरराइड नहीं कर पाएगी। इससे पहले 1 जनवरी 2026 से फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 26 लागू हो चुका है, जो 13 साल से छोटे बच्चों का डेटा बिना अनुमति के लेने या विज्ञापन के लिए इस्तेमाल करने पर रोक लगाता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दी गई सख्त चेतावनी
सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को 1 जुलाई 2026 से 12 महीने का समय दिया है कि वे अपनी साइट्स पर पुख्ता एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करें। अब केवल जन्मतिथि दर्ज करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि डिजिटल आईडी और एआई तकनीक का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। अबू धाबी अर्ली चाइल्डहुड अथॉरिटी ने साफ किया है कि इन नियमों को लागू करना पूरी तरह से प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है। यूएई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मंत्रालय ने सभी माता-पिता से अपील की है कि बच्चों का डेटा सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।