UAE में रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर है. भारतीय रुपये की गिरती कीमत की वजह से अब दिरहम का भाव काफी बढ़ गया है. 11 मई 2026 तक एक दिरहम की कीमत करीब 26 रुपये के पास पहुँच गई है, जिससे घर पैसा भेजने वाले प्रवासियों को अब पहले से ज़्यादा रुपये मिल रहे हैं.
दिरहम और रुपये का ताज़ा भाव और आंकड़े
मई 2026 की शुरुआत से ही एक्सचेंज रेट 25.8 से 25.9 रुपये के बीच चल रहा है. 11 मई 2026 को एक UAE दिरहम की कीमत 25.9558 भारतीय रुपये रही. इस महीने के अनुमान के मुताबिक भाव 26.19 रुपये तक जा सकता है.
| तारीख/समय | एक्सचेंज रेट (AED to INR) | खास बात |
|---|---|---|
| 30 अप्रैल 2026 | 25.93 | रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर |
| 5 मई 2026 | 25.9358 | पिछले हफ्ते का सबसे ज़्यादा भाव |
| 11 मई 2026 | 25.9558 | ताज़ा अपडेट (0.75% की बढ़त) |
| मई 2026 (औसत) | 26.19 | अनुमानित औसत भाव |
| मई 2026 (अधिकतम) | 26.86 | संभावित अधिकतम स्तर |
| मई 2026 (न्यूनतम) | 25.59 | संभावित न्यूनतम स्तर |
भारतीय रुपया कमज़ोर होने की मुख्य वजह
रुपये की कीमत में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं. विदेशी निवेशकों का पैसा बाहर जाना, अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग और कच्चे तेल की महंगी कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाया है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से भी एशियाई मुद्राओं पर असर पड़ा है.
- विदेशी निवेश: विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार पैसा निकालने से रुपये की वैल्यू गिरी है.
- वैश्विक कारण: दुनिया भर में ब्याज दरों का बढ़ना और व्यापार में अनिश्चितता एक बड़ी वजह रही है.
- मिडिल ईस्ट संघर्ष: 4 मार्च 2026 को रुपया डॉलर के मुकाबले 92 के पार चला गया था, जो मिडिल ईस्ट संकट के असर से हुआ था.
RBI और UAE सरकार का नया कदम
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रुपये की इस उठापटक को मैनेज कर रहा है. डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए RBI और UAE सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने एक समझौता किया है. इसके तहत अब भारत और UAE के बीच व्यापार के लिए सीधे रुपये (INR) या दिरहम (AED) का इस्तेमाल करने को बढ़ावा दिया जा रहा है.
सरकार का मकसद ट्रांजेक्शन की लागत को कम करना और पैसे भेजने की प्रक्रिया को तेज़ बनाना है. RBI ने स्थानीय बैंकों को भी यह सलाह दी है कि वे अपने क्लाइंट्स को डॉलर के बजाय स्थानीय मुद्रा में ट्रेड सेटलमेंट करने के लिए कहें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिरहम के मुकाबले भारतीय रुपया कब रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँचा?
30 अप्रैल 2026 को भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर था, जब 1 दिरहम की कीमत 25.93 रुपये रही थी।
RBI रुपये की गिरती कीमत को कैसे संभाल रहा है?
RBI रुपये के लिए कोई एक फिक्स लेवल तय करने के बजाय उसकी अस्थिरता को मैनेज कर रहा है और डॉलर की निर्भरता कम करने के लिए UAE के साथ लोकल करेंसी ट्रेड को बढ़ावा दे रहा है।
