संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रवैये पर अपनी गहरी निराशा जाहिर की है। ईरान की तरफ से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अवैध तरीके से बंद किए जाने के बाद UAE को उम्मीद थी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई सख्त कदम उठाया जाएगा। लेकिन सुरक्षा परिषद इस मामले में कोई बड़ा फैसला लेने में पूरी तरह नाकाम रही है जिसका असर अब पूरी दुनिया के व्यापार पर पड़ सकता है।

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UAE क्यों है सुरक्षा परिषद से नाराज?

UAE प्रशासन का मानना है कि ईरान ने समुद्री कानूनों का उल्लंघन करते हुए हॉर्मुज का रास्ता बंद किया है। इस रास्ते से दुनिया का सबसे ज्यादा तेल और गैस का व्यापार होता है। सुरक्षा परिषद की इस ढील से खाड़ी देशों की सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ने का डर है। प्रवासियों के लिए भी यह खबर चिंता वाली है क्योंकि व्यापारिक रास्तों में रुकावट आने से खाड़ी देशों में सामान की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना रहती है।

इस संकट से जुड़ी खास बातें और असर

  • अवैध कार्रवाई: ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला लिया है।
  • व्यापार पर असर: यह समुद्री रास्ता बंद होने से भारत और अन्य देशों को होने वाली तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
  • परिषद की नाकामी: UAE का कहना है कि सुरक्षा परिषद दुनिया भर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा पाई है।
  • सुरक्षा की मांग: अमीरात ने मांग की है कि इस संकट को सुलझाने के लिए तुरंत ठोस और निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.