संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में उस प्रस्ताव के गिरने पर गहरा दुख जताया है जो हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा के लिए लाया गया था. बहरीन ने सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देशों की तरफ से यह प्रस्ताव रखा था, लेकिन रूस और चीन के वीटो की वजह से इसे पास नहीं किया जा सका. 8 अप्रैल 2026 को जारी बयान में UAE ने कहा कि दुनिया के व्यापारिक रास्तों को बंद करना अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा खतरा है.

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या हैं मौजूदा हालात और असर?

ईरान ने फरवरी के अंत से ही इस समुद्री रास्ते को लगभग बंद कर रखा है जिसकी वजह से पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है. इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी 2026 से अब तक जहाजों पर कई सीधे हमले हुए हैं. इसकी वजह से वहां काम करने वाले हजारों नाविकों की जान खतरे में बनी हुई है और समुद्री व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

  • हमलों की संख्या: फरवरी से अब तक कमर्शियल जहाजों पर 21 से ज्यादा हमले हुए हैं.
  • जान-माल का नुकसान: इन हमलों में 10 से ज्यादा क्रू मेंबर्स की मौत हुई है.
  • फंसे हुए नाविक: करीब 20,000 नाविक अभी भी उन जहाजों पर फंसे हैं जो वहां से निकल नहीं पा रहे हैं.
  • तेल की सप्लाई: इस रास्ते से रोजाना लगभग 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है.

UN सुरक्षा परिषद में वोटिंग और देशों का रुख

बहरीन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद के 11 देशों का समर्थन मिला लेकिन रूस और चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल किया. पाकिस्तान और कोलंबिया ने इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और खुद को अलग रखा. रूस और चीन का तर्क था कि यह प्रस्ताव निष्पक्ष नहीं है और इसमें केवल एक पक्ष को दोषी ठहराया जा रहा है. फिलहाल पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी है जिससे हालात सुधरने की उम्मीद है.

पक्ष महत्वपूर्ण जानकारी
UAE और GCC देश प्रस्ताव के समर्थक और सुरक्षा की मांग की
रूस और चीन वीटो लगाकर प्रस्ताव को पास होने से रोका
बहरीन प्रस्ताव पेश करने वाला देश
ईरान समुद्री रास्ते पर नियंत्रण और हमलों का आरोप
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.