UAE में रहने वाले मुस्लिम जोड़ों के लिए तलाक से जुड़े नियमों को लेकर एक जरूरी जानकारी सामने आई है। कुछ खबरों में यह दावा किया जा रहा था कि तलाक के फैसलों को चुनौती नहीं दी जा सकती, लेकिन दुबई कोर्ट और सरकारी नियमों के मुताबिक यह पूरी तरह सही नहीं है। Federal Decree-Law No. 41 of 2024 के तहत, जो 15 अप्रैल 2025 से लागू हुआ है, कोई भी पक्ष अदालत के फैसले के 30 दिनों के भीतर अपील कर सकता है।
तलाक की प्रक्रिया में आए बदलाव
UAE की सरकार ने तलाक से जुड़ी कानूनी कार्यवाही को तेज करने के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। अब तलाक के लिए अनिवार्य मध्यस्थता (arbitration) की अवधि को 90 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा, पतियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे तलाक या सुलह की जानकारी 15 दिनों के भीतर आधिकारिक रूप से दर्ज कराएं। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो पत्नी कानूनी रूप से मुआवजे की मांग कर सकती है, जो गुजारा भत्ता (alimony) के बराबर हो सकता है।
कोर्ट के फैसलों से मिली मजबूती
दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन और अबू धाबी कोर्ट के हालिया फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि अपील की सुविधा पूरी तरह काम कर रही है। उदाहरण के लिए, मई 2026 और जून 2026 के अदालती मामलों में वित्तीय मुआवजे के हक और अपील की प्रक्रिया को मजबूती दी गई है। यह कानून UAE में रहने वाले सभी मुस्लिमों पर लागू होता है, चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार से जुड़े कानूनी विवादों में किसी को भी अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिले।
