UAE में समुद्री व्यापार को और मजबूत बनाने के लिए दुबई की DP World और Fujairah Ports Authority ने हाथ मिलाया है। दोनों के बीच 22 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक 50 साल का समझौता हुआ है, जिसके तहत देश के पूर्वी तट पर दो नए मल्टी-पर्पज कंटेनर पोर्ट बनाए जाएंगे। यह कदम अरब सागर में एक बड़ा ट्रेड गेटवे बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी है।
प्रोजेक्ट की खास बातें
इस योजना में Al Rugaylat कंटेनर टर्मिनल और Dibba जनरल कार्गो टर्मिनल का निर्माण शामिल है। इन टर्मिनलों के बन जाने से UAE की कुल कंटेनर हैंडलिंग क्षमता मौजूदा 19.4 मिलियन TEU से बढ़कर करीब 22 मिलियन TEU हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल व्यापार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भरता को भी कम करेगा।
क्षमता और समय सीमा
प्रोजेक्ट का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| टर्मिनल | क्षमता |
|---|---|
| Al Rugaylat Container | 2.5 मिलियन TEU |
| General Cargo | 1.7 मिलियन टन |
| Car Equivalent Units (CEU) | 190,000 यूनिट |
| Dibba General Cargo | 3.6 मिलियन टन |
इस पूरे निर्माण कार्य में 24 से 30 महीने का समय लगने की उम्मीद है। DP World के चेयरमैन H.E. Essa Kazim ने बताया कि यह निवेश देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। वहीं, Fujairah Ports Authority के चेयरमैन H.H. Sheikh Saleh Bin Mohamed Al Sharqi ने कहा कि यह फ़ुज़ैरह के क्षेत्रीय समुद्री गेटवे के रूप में उभरने का एक बड़ा पड़ाव है। ये टर्मिनल दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को हैंडल करने में सक्षम होंगे और जेबेल अली पोर्ट व Jafza से सीधे जुड़े होंगे।
