UAE के बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक ड्रोन हमला हुआ है। इस गंभीर घटना के बाद UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने IAEA के चीफ राफेल ग्रोसी से फोन पर बात की। उन्होंने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन और एक आतंकवादी हमला करार दिया है।

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ड्रोन हमला कैसे हुआ और कितना नुकसान हुआ?

UAE डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि तीन ड्रोन पश्चिमी सीमा के रास्ते देश में दाखिल हुए थे। सुरक्षा सिस्टम ने दो ड्रोन को हवा में ही रोक लिया लेकिन तीसरा ड्रोन बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट से जा टकराया। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के अनुसार इस हमले से प्लांट के बाहरी हिस्से में स्थित एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ और रेडिएशन का स्तर भी पूरी तरह सामान्य रहा।

सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की क्या प्रतिक्रिया रही?

  • शेख अब्दुल्ला बिन जायद: उन्होंने इस हमले को एक खतरनाक कदम बताया और कहा कि UAE अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जरूरी कदम उठाएगा।
  • राफेल ग्रोसी (IAEA चीफ): उन्होंने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा कि न्यूक्लियर प्लांट के पास सैन्य गतिविधियां बिल्कुल स्वीकार नहीं हैं।
  • FANR: फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन ने पुष्टि की कि प्लांट की सेफ्टी और जरूरी सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी यूनिट्स सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
  • विदेश मंत्रालय: मंत्रालय ने इसे एक आक्रामक हमला बताया और कहा कि शांतिपूर्ण न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाना मानवीय कानून के खिलाफ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या बराका न्यूक्लियर प्लांट में रेडिएशन लीक हुआ है?

नहीं, UAE सरकार और IAEA ने कन्फर्म किया है कि रेडिएशन लेवल सामान्य है और प्लांट की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है।

हमले में कितने ड्रोन शामिल थे?

UAE डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक कुल तीन ड्रोन आए थे जिनमें से दो को इंटरसेप्ट कर लिया गया और एक ने प्लांट के जनरेटर को निशाना बनाया।