UAE में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर आई जिससे दुबई और शारजाह में रहने वाले लोग काफी डर गए। सरकार ने तुरंत मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजकर सबको सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा। यूएई की एयर डिफेंस टीम ने इन हमलों को रोकने के लिए कड़ी मेहनत की है।

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दुबई और शारजाह में क्या हुआ और लोगों को क्या निर्देश मिले?

UAE के रक्षा मंत्रालय ने कन्फर्म किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जो शोर सुनाई दिया वह एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोकने की वजह से था। NCEMA और इंटीरियर मिनिस्ट्री ने दुबई और शारजाह के निवासियों को उनके मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजा था। लोगों को सलाह दी गई कि वे खिड़कियों और खुले इलाकों से दूर रहें और सुरक्षित इमारतों में शरण लें।

  • दुबई और शारजाह के स्कूल और यूनिवर्सिटीज़ ने सुरक्षा कारणों से अपनी पढ़ाई को अस्थायी रूप से ऑनलाइन कर दिया।
  • बाद में जब स्थिति नियंत्रण में आई तो अधिकारियों ने इमरजेंसी अलर्ट हटा लिया और लोगों को सुरक्षित बताया।
  • विदेश मंत्रालय ने इस हमले को एक खतरनाक कदम और अस्वीकार्य हमला करार दिया है।

फ़ुज़ैरह में आग और भारतीयों को लगी चोटें

यह हमला केवल अलर्ट तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसका असर जमीन पर भी दिखा। फ़ुज़ैरह ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में एक ड्रोन गिरने से वहां भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) से जुड़े कमर्शियल जहाजों पर भी ईरान द्वारा ड्रोन हमला किया गया।

दुनिया का क्या कहना है और अमेरिका ने क्या किया?

इस हमले के बाद फ्रांस, फिनलैंड, कनाडा और यूक्रेन जैसे देशों ने UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई है। वहीं अमेरिका ने जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया है। इसके तहत अमेरिकी सेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा देगी। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना या जहाजों पर हमला हुआ तो इसका जवाब बहुत कड़ा होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में मिसाइल हमले के बाद क्या अब स्थिति सुरक्षित है?

जी हां, नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर्स मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने अलर्ट हटा लिया है और अधिकारियों ने जनता को आश्वासन दिया है कि स्थिति अब सुरक्षित है।

इस हमले का भारतीय प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?

फ़ुज़ैरह ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा दुबई और शारजाह में पढ़ने वाले छात्रों को कुछ समय के लिए ऑनलाइन क्लास लेनी पड़ी।