UAE के परिवारों के लिए एक बड़ी चेतावनी आई है। यहाँ बच्चों और युवाओं में नशे की लत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने परिवारों को ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवहार में बदलाव को पहचान लिया जाए, तो बच्चों को इस मुश्किल दौर से बाहर निकाला जा सकता है।

नशे की लत अब अपराध नहीं, इलाज है जरूरी

Abu Dhabi के Department of Community Development (DCD) ने ‘Integrated Strategy to Combat Addiction (2022-2024)’ शुरू की है। इस रणनीति का मुख्य मकसद समाज को ड्रग्स से बचाना और पीड़ित व्यक्ति को दोबारा मुख्यधारा में लाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे की लत कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह एक बीमारी है जिसके लिए मरीज को इलाज और सहायता की जरूरत होती है।

कानून में भी परिवारों की मदद के लिए प्रावधान किए गए हैं। Anti-Narcotics Law के Article 89 के तहत, नशे से जूझ रहा व्यक्ति या उसके परिवार वाले खुद पुलिस, पब्लिक प्रोसिक्यूशन या ट्रीटमेंट यूनिट के पास जा सकते हैं। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2022 तक 576 परिवारों ने इस कानून का फायदा उठाकर अपने रिश्तेदारों का इलाज कराया है।

कम होती जा रही है नशे की शुरुआत की उम्र

Dubai Police और Anti-Narcotics Council के चेयरमैन Lt Gen Dhahi Khalfan Tamim ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि UAE में पहली बार नशा करने वाले बच्चों की औसत उम्र 16 साल से गिरकर अब 12 साल रह गई है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे समाज में अपनी इज्जत या बदनामी के डर से अधिकारियों को जानकारी देने में देरी न करें।

National Rehabilitation Centre (NRC) के Director General डॉ. हमद अल गफ्री ने बताया कि करीब 95% बच्चे पारिवारिक समस्याओं की वजह से नशे की चपेट में आते हैं। वहीं डॉ. अली अल मरज़ूकी ने जोर दिया कि बच्चों की निगरानी करना और उन्हें सपोर्ट देना बहुत जरूरी है ताकि समस्या को बढ़ने से रोका जा सके।

इन 7 संकेतों से पहचानें नशे की लत

Dubai सरकार की Al Ameen सर्विस ने माता-पिता के लिए कुछ खास संकेत जारी किए हैं, जिनसे पता चल सकता है कि बच्चा नशे की गिरफ्त में है:

  • भूख में कमी आना
  • नींद के समय और तरीके में बदलाव
  • पुराने दोस्तों को छोड़कर नए और अनजान दोस्त बनाना
  • साफ़-सफ़ाई और पर्सनल हाइजीन पर ध्यान न देना
  • पढ़ाई और स्कूल के नंबरों में गिरावट
  • पुराने शौक या हॉबीज में दिलचस्पी खत्म होना
  • परिवार और करीबियों से दूरी बना लेना या अकेला रहना

नई सरकारी पहल और सहायता

Family Care Authority (FCA) ने जून 2024 में ‘One Family’ नाम से एक पहल शुरू की है। इसका मकसद माता-पिता और शिक्षकों को इस काबिल बनाना है कि वे बच्चों में नशे के लक्षणों को पहचान सकें और उन्हें संभाल सकें। इसके अलावा, जून 2025 में ‘Aftercare Service’ भी शुरू की गई, जो रिकवरी के बाद लोगों को थेरेपी, सोशल स्किल्स और फैमिली काउंसलिंग के जरिए समाज में वापस जोड़ने का काम करती है।

Sharjah और Abu Dhabi पुलिस ने भी परिवारों को चेतावनी दी है कि बच्चों की भावनात्मक उपेक्षा और उनके साथ बातचीत की कमी उन्हें गलत रास्तों पर ले जा सकती है। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी है कि वे बच्चों के साथ खुला संवाद रखें और उन्हें पूरा भावनात्मक सहारा दें।

इसके साथ ही, स्वास्थ्य मंत्रालय के संदेशों के बाद विशेषज्ञों ने बच्चों में बढ़ते गेमिंग एडिक्शन यानी मोबाइल और वीडियो गेम की लत पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह लत बच्चों की आंखों, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक रिश्तों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.